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SSP मुनिराज जी का बेहतरीन प्रदर्शन... 12 महीनों के 2 हजार से ज्यादा पेंडिंग मामलों को 2 महीनों में कर दिया सॉल्व

SSP मुनिराज जी का बेहतरीन प्रदर्शन... 12 महीनों के 2 हजार से ज्यादा पेंडिंग मामलों को 2 महीनों में कर दिया सॉल्व

गाजियाबाद जिला बीते 2 महीनों में कानून व्यवस्था को लेकर प्रगति पर है, और हो भी क्यों ना जिस जिले की कानून व्यवस्था एक ऐसे कप्तान के हाथ में जो खुद रात दिन अपनी ड्यूटी के फर्ज को बखूभी निभाना जानते है.... हम बात कर रहे हैं गाजियाबाद के कार्यवाहक एसएसपी मुनिराज जी की.... जी हां 3 अप्रेल को एसएसपी पद का कार्यभार संभालने के साथ ही मुनिराज जी ने सबसे पहले गाजियाबाद जिले में लगातार बढते अपराधिक ग्राफ को नीचे लाने पर काम करना शुरू कर दिया। कहते हैं ना कि एक बेहतर सेना नायक के कुशल नेतृत्व में सेना भी बेहतरीन प्रदर्शन करती है। ऐसा ही कुछ एसएसपी मुनिराज जी ने कर दिखाया। बीते 12 महीनों में जो मामले थानों के रजिस्टरों में इंसाफ की गुहार के लिए काली स्याही से दर्ज किए गए थे। एसएसपी ने खुद जनसुनवाई में उन मामलों का निस्तारण कर पीड़ित को इंसाफ दिलाया है। आपको बता दें कि 12 महीनो में कई हजार ऐसे में मामले थे, जिनमें पुलिस की ओर से कार्रवाई की गाड़ी को दौड़ाया तो गया, लेकिन सख्त निर्देशों के नाम का पेट्रोल खत्म हो चुका था। जो मुनिराज जी ने ही यह कार्य किया. 

पुलिस गश्त पर जोर, खुद भी सड़को पर निकलकर लिया जायजा

गाजियाबाद में एसएसपी मुनिराज ने चार्ज संभाला,आते ही शहर भ्रमण पर निकले

एसएसपी मुनिराज जी ने जिले में कानून वयवस्था को कायम करने के लिए व छिनेती, लूटपाट जैसी संज्ञीन वारदातों पर रोक लगाने के लिए पुलिस की गश्त को ना केवल रात्री में बल्कि दिन के सुबह से लेकर दोपहर के उजाले में भी बड़ाया। ऐसे में कई बार तो एसएसपी को खुद भी जिले की सड़को पर गश्त करते देखा गया है। जिसमें ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मियों की कार्यशैली को परख कर उनको कानून व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त करने व अपराधिक वारदातों में लिप्त अपराधियों पर नजर बनाए रखने के लिए समय समय पर निर्देशित किया जाता रहा है। 

सबसे पहले 5 बड़ी घटनाओं का किया सफल अनावरण

ips muniraj appointed new ssp of ghaziabad in place of pawan kumar acy |  IPS अधिकारी मुनिराज बने गाजियाबाद के नये SSP, बढ़ती लूट की घटनाओं को रोकना  बड़ी चुनौती

गौरतलब है कि योगी सरकार ने जिले में कानून व्यवस्था की बदहवासी को देखते हुए पूर्व एसएसपी पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर हटा दिया था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह था कि सूबे का सबसे बड़ा जिला जिससे यूपी की पहली पहचान माना जाता है, वहां की कानून व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी भला किसे सौंपी जाए। ऐसे में कई नामों पर मंथन हुआ। जिसके बाद लखनऊ से भेजे गए 2009 बैच के आईपीएस ऑफिसर मुनीराज जी. ने एसएसपी पद का कार्यभार संभाला। दरअसल जिले में अपराध इस हद तक बड़ चुका था कि इसे रोक पाना नामुमकिन था। 

बड़े मामलों का किया सफल अनावरण


ऐसे में सबसे पहले एसएसपी ने पूर्व में घटित हुई बड़ी वारदातों का खुलासा भी किया। इसके बावजूद 5 ऐसी संगीन घटनाएं भी थी, जिनमें पुलिस 1 सुराग तक नहीं तलाश पा रही थी। इनमें लूट से लेकर डकैती और अपहरण से लेकर हत्या तक की घटनाएं शामिल थी। लेकिन एसएसपी मुनीराज जी. ने इन सभी मामलों का सफल अनावरण कर बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके बाद कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए खास प्लान तैयार किया। जिसमें हॉटस्पॉट को चिह्नित किया, जहां सबसे ज्यादा घटनाएं हुई हैं। इन इलाकों में जोनल-सेक्टर सिस्टम बनाकर सुरक्षा का खाका खिचा। ऐसी जगहों पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ेगी।

जेल से बाहर घूम रहे अपराधियों की जमानत कराई निरस्त 

एसएसपी ने की अधिकारियो के साथ बैठक: आगामी त्योहारों की तैयारियां का लिया  जायज़ा | SSP holds meeting with officials: To take stock of preparations  for upcoming festivals | एसएसपी ...

अक्सर देखा गया है कि जब कभी अपराधी जेल से छूटकर बाहर आता है। तो वह फिर से अपराधिक वारदातों को अंजाम देने लगता है। लेकिन इसके लिए एसएसपी मुनीराज जी. ने कहा कि जो क्रिमिनल जेल से बाहर हैं, वे दोबारा जेल में जाएंगे। जिसके लिए कोर्ट के पैरोकारों और कोर्ट मोहरिर्र संग एसएसपी ने बैठक कर उन्हें निर्देश दिया गया है कि अपराधियों की जमानत निरस्त कराएं। पुराने मामलों को कोर्ट में ट्रायल पर लाने के लिए अपने स्तर पर हरसंभव कोशिश करें। जिससे अपराधियों को जल्द सजा हो सके। एसएसपी के मुताबितक थाने के टॉप-10 और टॉप-20 अपराधियों के पीछे पुलिस लगा दी गई है। हम गाजियाबाद की कानून व्यवस्था बेहतर करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।

12 महीनों का पेंडिंग होमवर्क महज 2 महीने में पूरा कर दिखाया

एसएसपी मुनिराज ने चेकिंग पॉइंट्स पर लगे पुलिस बल को स्वयं किया चेक, साथ ही  दिए थाना क्षेत्र में प्रभावी पैदल गस्त व चेकिंग के निर्देश - Ek Sandesh

गौरतलब है कि जिले के थानों में बड़ी सख्या में शिकायते आती है। जिसमें कुछ में तो लोगों को तुरंत ही निस्तारण मिल जाता है। लेकिन कुछ अपनी बारी का इंतेजार करती हुई दिन पर दिन आगे बड़ती जा रही थी। ऐसे में अभी 2 महीना पहले ही कार्यवाहक एसएसपी के तौर पर नियुक्त मुनिराज जी ने 2 हजार से भी ज्यादा प्राथना पत्रों पर सुनवाई करते हुए अनोखा कारनामा कर दिखाया है। जिसके बाद विभाग में उनके बेहतरीन कार्य की गूंज है। तकरीबन 20 अलग-अलग थानों में 11779 प्राथना पत्रों को निस्तारित करते हुए शून्य पर पहुंचा दिया था। ऐसा पहली बार हुआ है कि जिले में कानून व्यवस्था को संभालने की बागदौड़ अपने हाथों में लेने के बाद 12 महीने का पेंडिंग वर्क महत 2 महीनों में ही कर दिखाया है। भले ही कार्यवाहक एसएसपी ही क्यों ना हो... लेकिन अपनी मेहनत और लगन के दम पर उमदा प्रदर्शन करते हुए एसएसपी मुनिराज जी ने वह कर दिखाया है, जो प्रशंसनिय योग्य है।

मुनीराज जी. को वेस्ट यूपी का अनुभव

IPS मुनिराज जी. को बनाया गया गाजियाबाद का नया एसएसपी

सीनियर आईपीएस ऑफिसर व एसएसपी मुनीराज जी. साल 2009 बैच के आईपीएस हैं। वे वेस्ट यूपी के कई जिलों में बतौर एसएसपी रह चुके हैं। गाजियाबाद में वे एसपी सिटी और एएसपी रहे हैं। उनकी गिनती बेहद ईमानदार अफसरों के रूप में की जाती है। जैसे साक्ष्य को परीणाम की जरूरत नहीं होती, वैसे ही एसएसपी मुनिराज जी के किसी कार्य को पहचान या फिर सुर्खियों की कोई जरूरत ही नहीं हैं। क्योंकि मानवीय शख्सियत इंसान के किरदार में ही साफ तौर पर दिखाई देती है।  

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

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