Khaki Connection

सपा की रैली मामले में SHO को सस्पेंड कर आला अफसरों को क्यों बचा रहा चुनाव आयोग? सोशल मीडिया पर उठाए जा रहे सवाल

सपा की रैली मामले में SHO को सस्पेंड कर आला अफसरों को क्यों बचा रहा चुनाव आयोग? सोशल मीडिया पर उठाए जा रहे सवाल

राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के दफ्तर में बिना अनुमति के भीड़ जमा होने और कोरोना गाइडलाइन (Covid Guidelines) के उल्लंघन मामले में सख्त रुख अपनाते हुए चुनाव आयोग (Election commission) ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने गौतमपल्ली के एसएचओ (GautamPalli SHO) को लापरवाही बरतने की वजह से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, सहायक पुलिस आयुक्त और अपर नगर मजिस्ट्रेट से जवाब तलब किया गया है। उधर,  एसएचओ पर हुई कार्रवाई के बाद सवाल किए जा रहे हैं कि आखिर छोटे अफसरों के खिलाफ एक्शन लेकर आला अधिकारियों को चुनाव आयोग क्यों बचा रहा है?

सपा की रैली में इकट्ठा हुई थी भारी भीड़

Lucknow: 2,500 Samajwadi Party workers face FIR for flouting Covid norms at  'virtual rally' - Elections News

दरअसल, समाजवादी पार्टी ने लखनऊ कार्यालय में वर्चुअल रैली का आयोजन किया था। ये रैली तो बस नाम के लिए वर्चुअल थी, लेकिन यहां भारी हुजूम देखने को मिला। सपा कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन भी नहीं हुआ। इसी मामले में चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए गौतमपल्ली के एसएचओ दिनेश सिंह विष्ट को सस्पेंड कर दिया। 
वहीं, सपा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कुल 25 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने सहायक पुलिस आयुक्त अखिलेश सिंह और रिटर्निंग अफसर सहायक पुलिस आयुक्त अखिलेश सिंह मध्य विधानसभा क्षेत्र अपर नगर मजिस्ट्रेट गोविन्द मौर्य को शनिवार तक स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। 

पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने दी जानकारी

मामले में लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि सपा कार्यालय में कोविड नियमों के उल्ल्घंन के मामले में गौतमपल्ली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। गौतमपल्ली थाने के उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह की तहरीर पर करीब 2500 सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 (निर्देशों का उल्लंघन), 269 (रोग का संक्रमण फैलाना), 270 (संक्रमण फैलाकर दूसरों की जान जोखिम में डालना) और 341 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना) के अलावा आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। 

एसएचओ पर कार्रवाई के बाद कटघरे में चुनाव आयोग

उधर, गौतमपल्ली एसएचओ दिनेश सिंह विष्ट को सस्पेंड करने के बाद सवाल किए जा रहे हैं कि आखिर हर बार छोटे कर्मचारियों पर ही एक्शन क्यों लिया जाता है? सपा की वर्चुअल रैली मामले में एसएचओ को निलंबित कर चुनाव आयोग आला अधिकारियों को क्यों बचा रहा है?

मुख्य संवाददाता

HARSH PANDEY

Police Media News

Leave a comment