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नकली करेंसी बरामदगी का मामला... पुलिस को संदेह अंडरवर्ल्ड से जुड़े हो सकते हैं जाली करेंसी के तार

नकली करेंसी बरामदगी का मामला... पुलिस को संदेह अंडरवर्ल्ड से जुड़े हो सकते हैं जाली करेंसी के तार

आजमगढ़ जिले में बीते दिनों 1 युवक के पास से जाली नोटों की बरामदगी की थी। ठीक उसी दिन जिले में दूसरी जगह से भी कुछ युवकों के पास से पुलिस ने नकली करेंसी को बरामद किया था। ऐसे में 3.15 लाख की जाली करेंसी की दूसरी खेप बरामद होने के बाद खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े कर हो गए। कयास्त यह लगाए गए कि कहीं अंडरवर्ल्ड के बीच ही कोई बड़ा खेल तो शुरू नहीं हो गया है। यूं तो सच्चाई नासिक से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगी, लेकिन बरामद जाली करेंसी में 500 के नोट पड़ोसी मुल्क से छपने के संकेत दे रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व ही अंबेडकर नगर

नासिक भेजी गई जाली करेंसी

पुलिस के हाथों लगी जाली करेंसी में 500 व 100 के नोट हैं। पांच सौ के नोटों की छपाई में इतनी सफाई कि मैनुअल तरीके से उसके असली-नकली के बारे में कुछ भी ठोस कहना मुश्किल हो जाए। संभत: यही वजह रही कि ठेले, खोमचे वाले नोटों को एक वर्ष में पहचान ही नहीं पाए, जबकि नोटों के काले कारोबारियों ने दस लाख रुपये खपा डाले। बहरहाल पुलिस नासिक भेजी गई जाली करेंसी की जांच रिपोर्ट आने से पूर्व ही दूध-पानी अलग कर लेना चाहती है। यह संभव होगा फरार सत्यजीत सिंह निवासी बनहरा, रौनापार की गिरफ्तारी के बाद।

अंदरखाने में खुला बड़ा खेल

भारत सरकार की ओर से 1 हजार और 5 सौ की पुरानी करेंसी का प्रचलन बंद होने के काफी महीनों बाद बाइक सवार युवक लाखों की करेंसी के साथ पकड़े गए थे। वहीं पुलिस ने भी अपनी ओर से  अंदरखाने में बड़ा खेल चलने के पीछे इस बात को भी दोहराना होगा कि पार्सल के जरिए झारखंड से सैकड़ों कारतूस के खोखे यहां भेजे गए थे। पोस्टमैन की सक्रियता से मामला उजागर हुआ, लेकिन फिर उसका अंजाम पता नहीं चल पाया।

अंबेडकर नगर में बरामद हुए 6.22 लाख

अंबेडकरनगर जिले की अलीगंज पुलिस व स्वाट टीम ने छह लाख 22 हजार 800 रुपये की नकली नोट व करेंसी छापने की मशीन बरामद कर चार गिरफ्तार लोगों को दबोचा था।गिरफ्तार युवकों में फूलपुर के बरौली निवासी नौशाद, शहजेरपुर के लालबहादुर, पवई थाने के कोहड़ा निवासी सरफराज एवं ढढिया निवासी लालमन यादव थे। गिरोह ने करीब 47 लाख की करेंसी बाजार में खपाने की बात कही थी।

एसपी सिटी शैलेंद्र लाल

‘स्पष्ट रूप से कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा, लेकिन 500 की करेंसी की छपाई देख आशंकाओं से इंकार भी नहीं किया जा सकता।फरार आरोपितों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। कोशिश हेागी कि सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाए।पुलिस एक-एक आशंकाओं को खंगाल रही है।’

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

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