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कप्तान मुनिराज जी से मिले हौंसले ने महिला IPS अधिकारी व दरोगा को बना दिया लेडी सिंघम... 1 लाख के ईनामी को ढ़ेर कर कई को पहुंचाया जेल

कप्तान मुनिराज जी से मिले हौंसले ने महिला IPS अधिकारी व दरोगा को बना दिया लेडी सिंघम... 1 लाख के ईनामी को ढ़ेर कर कई को पहुंचाया जेल

गाजियाबाद पुलिस विभाग SSP मुनिराज जी के नेत्तत्व में अपराधियों पर लगातार कहर बरपा रहा है। SSP की ही ईमानदारी और मेहनत का नतीजा है कि बीते 2 महीनों के अंदर जिस जिले में शातिर अपराधी खुलेआम दिनदहाड़े अपराध को अंजाम देकर पुलिस सुरक्षा वयवस्था को खुलेआम चुनौती दे रहे थे। तो वहीं अब शातिर अपराधी गाजियाबाद पुलिस के नाम मात्र से ही थरथर्रा उठते हैं। दिन हो या रात हर प्रतिदिन किसी न किसी थानाक्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ कर बदमाशों को गिरफ्तार करने में जुटी है। पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ के आंकड़े पर गौर फरमाया जाए तो बीते 2 महीनों में पुलिस और बदमाशों के बीच तकरीबन 40 मुठभेड़ हुई हैं। जिसमें पुलिस ने 50 से ज्यादा शातिर अपराधियों को लंगडा कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। 

महिला पुलिस अधिकारियों ने भी की कदमताल

बदमाशों को लंगडा करने में एसपी ग्रामीण डा.ईरज राजा की एसओजी टीम जहां पहले पायदान पर है तो वहीं, सिटी पुलिस भी 2 कुख्यात बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर कर अच्छी खासी सुर्खियां बटोरने में कामयाब रही। सिटी में हुईं इन मुठभेड़ों में जो एक खास बात निकल कर सामने आई वो यह है कि अब अपराध और अपराधियों का खात्मा करने के लिए महिला पुलिस अधिकारियों ने भी पुरूष अधिकारियों के साथ कदमताल करना शुरू कर दिया है। 

आईपीएस अधिकारी डा.दीक्षा शर्मा और इंदिरापुरम थाने की महिला दरोगा मंजू सिंह 

गाजियाबाद जिले में जहां एसएसपी मुनिराज जैसे बेहतरीन पुलिस अधिकारी के नाम और काम दोनों के चर्चे सुर्खियों में बने हुए हैं, तो वहीं एसएसपी के नाम के साथ महिला पुलिसकर्मियों के नाम भी अच्छा खासा चर्चा में शुमार है। इन महिला पुलिस अधिकारी को अपने एसएसपी की ईमानदारी और बहादूरी व मुस्तैदी से ही हौंसला मिला है। हम बात कर रहे हैं, जिले की एसपी क्राइम और साल 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी डा.दीक्षा शर्मा और इंदिरापुरम थाने की महिला दरोगा मंजू सिंह.... जी हां यह दो नाम इस समय गाजियाबाद पुलिस विभाग में तो बेहद ही अदब के साथ लिए जा रहे है। बल्कि इन नामों की चर्चाएं अखबार के पन्नों पर भी तारीफें बटौर रही है। इस समय महीला पुलिसकर्मियों के नाम सूबे के पुलिस महकमे में ही नहीं बल्कि गाज़ियाबाद पुलिस विभाग में भी लेडी सिंघम के नाम से जाने जा रहे हैं, और अपराधियों के बीच दोनों ही महिला पुलिसकर्मी अपने नाम का लौहा मनवा रही है। 

एसएसपी की सीख पर है दीक्षा तो दरोगा मंजू दीक्षा शर्मा से ले रही हैं सीख

युवाओं तक पहुंचाएंगी 'पहला सुख निरोगी काया' का संदेश

हाथों में हथियार थामे अब महिला अधिकारी भी बदमाशों के हौंसलों को पस्त करती हुई दिखाई दे रहे है। महिला अधिकारियों के हथियार थामने के पीछे जिले के कप्तान मुनिराज जी का विशेष योगदान और प्रोत्साहन माना जा रहा है।  और हो भी क्यों ना क्योंकि जब सेना नायक बेहतरीन होगा, तो सेना में मौजूद सभी सैनिकों के हौंसले भी हमेशा बुलंद रहेंगे। इसी का परिणाम यह है कि लेडी सिंघम बनकर उभरी आईपीएस अधिकारी दीक्षा शर्मा ने गाजियाबाद जिले में वह काम कर दिखाया जिसे बीते कई सालों से पुलिस विभाग का कोई भी तेजतर्रार पुरुष अधिकारी व पुलिसकर्मी करने में नाकामयाब साबित रहा। जिस तरह आईपीएस अधिकारी दीक्षा शर्मा एसएसपी मुनिराज के नक्शे कदम पर चल रही हैं, ठीक वैसे ही दीक्षा शर्मा के बुलंद हौंसले से प्रेरित होकर दरोगा मंजू सिंह भी गैंगस्टर व शातिर किस्म के कुख्यात अपराधियों संग मुठभेड़ कर गोलियों का जवाब गोलियों से देना सिख गई है। और ताबड़तोड़ मुठभेड़ के दौरान अपराधियों को लंगड़ा कर गिरफ्तार करने की भी हिम्मत दिखा रही हैं। 

आईपीएस दीक्षा के नेतृत्व में ढेर हुआ 1 लाख का इनामी

यूं तो आईपीएस अधिकारी दीक्षा शर्मा के नजीर पेश करते कई ऐसे मामले सुर्खियों का हिस्सा रहे हैं। जिन्होंने शातिर अपराधियों को नाको चने चब्वा दिए हैं। लेकिन 20 अप्रैल की देर रात कविनगर थानाक्षेत्र के वेवसिटी में हुए दोहरे हत्याकांड मामले ने पुलिस को सवालिया घेरे में ला खड़ा कर दिया था। इस दोहरे हत्याकांड में बदमाशों ने ग्रेटर नोएडा में रहने वाले 2 दोस्तों जितेंद्र और हरेंद्र को ताबड़तोड़ गोलियों से भूनकर मौत के घाट जो उतारा दिया था। मामले में पुलिस ने जब इस हत्याकांड की जांच शुरू की तो दुर्दांत शातिर अपराधी बिल्लू दुजाना उर्फ अवनीश का नाम सामने आया। आपको बता दें कि यह वहीं बिल्लू दुजाना उर्फ अवनीश है जिसके नाम से दिल्ली, यूपी और हरियाणा के बडे से बड़े व्यापारी और बिल्डर खौफ खाते थे। रंगदारी जैसे गोरखधंधे का बेताज बादशाह बन चुका बिल्लू दुजाना कहीं ना कहीं यूपी पुलिस के लिए बड़ा सर दर्द बन चुका था। उसने अपने भाई अरुण की हत्या का बदला लेने के लिए 2 दोस्तों को मौत की नींद सुला दिया था। ऐसे में बिल्लू दुजाना और उसके साथियों को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए भूसे में से सुई खोजने जैसा काम था।

एसएसपी से मिला हौंसला

अब जब मामला एसएसपी मुनिराज जी के संज्ञान में आया तो एसएसपी ने जिला पुलिस में तैनात तेजतर्रार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को बिल्लू दुजाना की गिरफ्तारी का मुश्किल टास्क दिया। इस टीम में पहली बार किसी महिला आईपीएस अधिकारी का नाम शामिल था। दरअसल जिले की एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा ने इस टीम में मुख्य भूमिका निभाई थी। बिल्लू दुजाना की गिरफ्तारी के लिए दीक्षा शर्मा ने अपनी स्वाट टीम को साथ लिया और दिन रात एक कर दुर्दांत बिल्लू की खौज में जुट गई। इस दौरान रात के अंधेरे में भी कई बार दबिश के दौरान वह निडर होकर निकली। लेकिन बिल्लू का कहीं कुछ पता नहीं लग पा रहा था। ऐसे में एसएसपी मुनिराज जी ने अपनी आईपीएस दीक्षा के हौंसले को कायम किए  रखा। जिसके चलते दीक्षा शर्मा ने अपनी टीम के साथ मिलकर बिल्लू को घेरने का ऐसा जाल बिछाया कि 28 मई को वह उनके चंगुल में आ फंसा।

ऐसे हुआ 1 लाख के ईनामी का खात्मा

कहते हैं ना कि जिस तरह से पंछी जाल में खुद को फंसता देख फड़फड़ाने लगता है। वैसा ही हाल बिल्लू दुजाना का हो गया था।बिल्लू दुजाना को जब पता चला कि पुलिस उसको गिरफ्तार करने के लिए खोजती हुई उसके ठीकाने तक आ पहुंची है। तो बिल्लू ने खुद को बचाने के लिए पुलिस टीम पर ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।  लेकिन वह यह भूल गया था कि इस टीम को कोई और नहीं बल्कि लेडी सिंघम दीक्षा शर्मा है। बिल्लू दीक्षा शर्मा की टीम से खुद को बचा पाने में असफल रहा, और मुठभेड़ के दौरान ढेर हो गया। दोहरे हत्याकांड में फरारी के चलते बिल्लू दुजाना पर 1 लाख रुपए का ईनाम घोषित किया गया था। टीम की इस कामयाबी पर जिले के व्यापारियों ने पुलिस को सम्मानित भी किया। 

गश्त और चेकिंग को लेकर हमेशा चौकन्नी रहती है दरोगा मंजू

महज महिला आईपीएस अधिकारी ही नहीं बल्कि जिले के पुलिस विभाग में दूसरी लेडी सिंघम के नाम से मशहूर इंदिरापुरम थाने की एक चौकी पर तैनात दरोगा मंजू सिंह भी शातिर अपराधियों से 2-2 हाथ करने में किसी से पीछे नहीं है। दोरागा मंजू सिंह की बात की जाए तो उन्होंने एक ऐसे शातिर अपराधी को मुठभेड़ में गोली मारकर गिरफ्तार किया था जिसे गाजियाबाद पुलिस बीते दो सालों से तलाश रही थी। क्षेत्र में अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए दरोगा मंजू सिंह अपनी टीम के साथ चेकिंग और गश्त को लेकर हमेशा से ही चौकन्नी रहते हुए विशेष सतर्कता बरतती हैं। इसी का नतीजा यह रहा कि बीते शुक्रवार को चेकिंग के दौरान ही दरोगा व उनकी टीम ने बाइक सवार 2 बदमाशों संग मुठभेड़ की। जिसमें बदमाशों ने फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। 

गिरफ्तार हैं शातिर किस्म के अपराधी

लेकिन लेडी सिंघम मंजू सिंह ने भी गोली का जवाब गोली से दिया और दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए  बदमाशों की पहचान लकी उर्फ रिजवान और आमिर खान उर्फ अमीर के रूप में हुई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रिजवान पैर में गोली लगने से घायल हुआ है। साल 2020 से वह गैंगस्टर एक्ट के मामले में इंदिरापुरम थाने से वांछित चल रहा था। दोनों शातिर किस्म के बदमाश हैं और वाहन चोरी व गृह चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। 

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

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