Super Cop

रिटायरमेंट से पहले लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन ने कॉम्बेट यूनिफार्म में पोस्ट की तस्वीर और कहा....

रिटायरमेंट से पहले लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन ने कॉम्बेट यूनिफार्म में पोस्ट की तस्वीर और कहा....

यूं तो सेना में तैनात हर एक अधिकारी को उसका ये सरकारी आइना याद दिलाता है कि...उसकी वर्दी यानि उसका “टर्नआउट” ठीक होना चाहिए। सेना में तैनात होना ही किसी शख्स के लिए एक बड़ी बात है। लेकिन सैना में जब भी कोई शख्स तैनाती होता है तो देश के प्रति लगाव के साथ-साथ वर्दी का टर्नआउट भी अधिकारी के लिए बेहद ही खास होता है। क्योंकि अधिकारी के लिए उसकी वर्दी ही उसका फख्र, उसकी आन, बान, शान होती है। किसी भी सैन्य अधिकारी का अपने देश की वर्दी से एक अलग ही लगाव होता है, और हो भी क्यों ना एक अधिकारी के लिए वर्दी उसके जीवन का एक अंग बन जाती है, उसका कर्म बन जाती है, उसके शरीर का, उसकी रूह का वो हिस्सा बन जाती है जिसे संवारने के लिए सैनिक देश की सेवा में लगा रहता है। दरअसल बीते दिनों सोशल मीडिया प्लैटफार्म ट्विटर पर सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन ने एक तस्वीर को पोस्ट किया। जिसे अन्य कई लोगों ने पसंद करके अपने-अपने सोशल मीडिया पर साझा किया। दरअसल लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन ने अपनी इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए बताया कि वो रिटायर हो रहे हैं और इस दिन उन्होंने लास्ट बार ये कॉम्बेट यूनिफार्म पहनी है। इसको लेकर वो थोड़े नॉस्टैल्जिक दिखे।

जिम्मेदारी के साथ किया कर्तव्य पूरा

Soldier Wear uniform for last time retirement news

लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन ने अपनी इस फोटो को ट्विटर पर शेयर करते हुए आखिरी बार कॉम्बेट यूनिफार्म में दिखाई दिए। ऐसे में उन्होंने तस्वीर को पोस्ट करते समय जो कैप्शन लिखते हैं वह भी बेहद ही भावुक था, लेफ्टिनेंट जनरल के कैप्शन में लिखा था कि ''सम्मान और जिम्मेदारी की एक यात्रा, जय हिंद।''

दशकों से पहनी है जो वर्दी

Stepping out of his office for the last time. Pic courtesy his twitter handle only

कैप्शन में उन्होंने लिखा कि यह कॉम्बेट ड्रेस वो दशकों से पहन रहे हैं और आखिर बार पहनते हुए वो इस फोटो में दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो को शेयर करते समय उन्होंने नॉस्टैल्जिया शब्द का भी इस्तेमाल किया। जिसका अर्थ है ( अतीत की यादों के कारण उदासी या फिर बीते लम्हों की लालसा। ) इसका ठीक मतलब यही होता है कि वह अपनी वर्दी को पहनने के बाद अतीत की यादों के कुछ पलों को भी याद कर रहे होंगे।

एक शख्स ने लिखी ये बात

एक अधिकारी द्वारा आखिरी बार अपनी कॉम्बेट ड्रेस को पहनकर तस्वरी को ट्विट करना बेहद ही भावुक पल होता है... हो भी क्यों ना जिस वर्दी को पाने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की और वर्दी को मिलने के बाद देश की सेवा में अपना पूरा जीवन देना भी कोई छोटी बात नहीं है। ऐसे में जब अधिकारी ने अपनी तस्वीर को पोस्ट किया तो एक यूजर ने उन्हें लिखा कि उन्हें आखिरी दिन नई कॉम्बेट ड्रेस पहननी चाहिए थी। इसपर लेफ्टिनेंट जनरल साहब ने बड़ा प्यारा जवाब दिया। कि - आखिरी दिन मोहब्बत नहीं बदला करते जनाब....

लोगों ने कहा ये तो आपका हिस्सा है सर

यूजर्स ने कमेंट किया कि हो सकता है कि सर कि आप इसे वैसे आखिरी बार पहन रहे हो, लेकिन यह ड्रेस तो अब आपका हिस्सा बन चुकी है। यहां तक कि आपके दोस्त, साथी, रिश्तेदार हमेशा आपको इसमें चाहते आए हैं। एक फौजी और उसकी वर्दी का ये प्यारा रिश्ता देखकर लोग भावुक हो गए।

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

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