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हमेशा मुस्कुराने वाले IPS सत्यजीत गुप्ता की जांबाजी के किस्से कर देंगे हैरान, आगरा में DCP के पद पर हैं तैनात

हमेशा मुस्कुराने वाले IPS सत्यजीत गुप्ता की जांबाजी के किस्से कर देंगे हैरान, आगरा में DCP के पद पर हैं तैनात

पुलिस मीडिया न्यूज आज आपको उत्तर प्रदेश के एक ऐसे आईपीएस अफसर की जांबाजी के किस्से बताएगा, जिन्हें पढ़कर आप दांतो तले उंगली दबा लेंगे। जी हां...हम बात कर रहे हैं आगरा पुलिस कमिश्नरेट (Agra Police Commissionerate) में डीसीपी पश्चिमी जोन (DCP Western Zone) के पद पर तैनात तेज तर्रार आईपीएस सत्यजीत गुप्ता (IPS Satyajit Gupta) की। 

जिसे ईडी के अफसर नहीं खोज पाए उसे गिरफ्तार कर भेजा जेल


ये वही आईपीएस अफसर हैं, जिन्होंने कानपुर में अपने छोटे से कार्यकाल के दौरान यूपीएसआईडीसी (UPSIDC) के चीफ इंजिनियर अरुण मिश्रा (Chief Engineer Arun Mishra) को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यूपीएसआईडीसी के चीफ इंजिनियर अरुण मिश्रा अभी तक जेल में कैद हैं, क्योंकि उनकी जमानत नहीं हो पाई। आईपीएस सत्यजीत गुप्ता ने खुद अपने हाथ से अरुण मिश्रा की केस डायरी लिखी थी। आईपीएस ने अरुण मिश्रा को उस वक्त गिरफ्तार किया था, जब ईडी के अधिकारी भी उनकी तलाश में भटक रहे थे। 

2017 बैच के धाकड़ आईपीएस अफसर हैं सत्यजीत गुप्ता


आईपीएस सत्यजीत गुप्ता पुलिस उपायुक्त पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता 2017 बैच के आईपीएस अफसर हैं। अकेडमी से ट्रेनिंग लेने के बाद सत्यजीत गुप्ता की पहली तैनाती बिजनौर जनपद में हुई। यहां कोतवाली नगीना के इंचार्ज बनकर ड्यूटी पर आए। उन्होंने बिजनौर की होली शांति और सौहार्द्र के साथ सम्पन्न करवाई। बिजनौर के 6 महीने के कार्यकाल में आईपीएस सत्यजीत गुप्ता ने अलग पहचान बनाई। 

इसके बाद सत्यजीत गुप्ता की तैनाती रामपुर जनपद में की गई। यहां 1 साल के अपने कार्यकाल में आईपीएस सत्यजीत गुप्ता ने खनन माफिया (Mining Mafia) पर शिकंजा कसा। खनन माफिया की करोड़ों की संपत्ति कुर्क कराई। आईपीएस सत्यजीत गुप्ता कानपुर में तैनात किए गए। साढ़े 3 महीने के अपने कार्यकाल में आईपीएस सत्यजीत गुप्ता ने यूपीएसआईडीसी के उस चीफ इंजीनियर अरुण मिश्रा को भ्रष्टाचार के मुकदमे में गिरफ्तार कर जेल भेजा। जिसे खुद ईडी के अधिकारी भी उस वक्त तलाश कर रहे थे। अरुण मिश्रा अभी तक जेल में हैं। 

दारोगा व 2 कांस्टेबलों को गिरफ्तार कर भेजा जेल


आगरा में भी आईपीएस सत्यजीत गुप्ता के गुडवर्क की लम्बी लिस्ट है। हाल में ही उनके द्वारा आरपीएफ के दरोगा और 2 कांस्टेबलों को अपहरण के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कुछ ही घंटों में अगवा हुई सभी बहनों को भी पुलिस ने बरामद कर लिया गया। पुलिस उपायुक्त पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता के कार्यकाल में खनन के खिलाफ अब तक करीब 120 मुकदमें दर्ज किये जा चुके है। पुलिस इन मुकदमों से संबंधित करीब 50 लोगों को जेल भेज चुकी है। 

खनन माफिया की बजाई बैंड


उनकी ताबड़तोड़ कार्रवाई से खनन माफिया को करोड़ों का नुकसान हुआ है। खनन माफिया के 100 से ज्यादा वाहन जब्त और सीज किए गए है। आईपीएस सत्यजीत गुप्ता की खास बात यह भी है कि उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान नजर आती हैं। अपने काम में व्यस्त रहना आईपीएस सत्यजीत को खूब भाता है। आईपीएस गुप्ता जनता को सुलभता से सुनते हैं। समस्या का निराकरण करते हैं। ये एडिशनल एसपी से प्रमोट होकर एसपी बनाए गए हैं। पुलिस उपायुक्त आगरा पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता प्रमोशन होने पर बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि अपराधियों को उनके सही अंजाम तक पहुचाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे ।

मुख्य संवाददाता

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