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अखिलेश यादव के बयान से मचा सियासी घमासान... पूर्व डीजीपी व राज्यसभा सांसद बृजलाल ने भी दिया तीखा जबाव

अखिलेश यादव के बयान से मचा सियासी घमासान... पूर्व डीजीपी व राज्यसभा सांसद बृजलाल ने भी दिया तीखा जबाव

Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के एक  बयान से राजनिति में सियासी संग्राम के साथ पलटवार शुरू हो गया है। बीते दिन अखिलेश यादव ने योगी सरकार द्वारा माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी को अपना चुनाव चिन्ह बुलडोजर कर लेना चाहिए। जिसका तीखा जवाब देते हुए BJP नेता दिनेश यादव उर्फ निरहुआ ने भी तंज कसा.... लगातार ट्वीटर पर हो रही ब्यानबाजी की इस रेस में उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी व राज्यसभा सांसद बृजलाल ने भी अखिलेश के बयान का करारा जबाव देते हुए आग में घी का काम किया है। 

जानिए सियासी घमासान

गौरतलब है कि बीते दिनों में योगी सरकार ने माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। जिसमें बुलडोजर के माध्यम से माफियाओं के सम्राज्य को नेस्तनाबूत किया है। ऐसे राजनिति हलचल ना हो ऐसा होना लाजमी नहीं... योगी सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने बीते दिन कहा था कि BJP को अपना चुनाव चिन्ह बुलडोजर कर लेना चाहिए । जिसके बाद से ब्यानबाजी है कि थमने का नाम नहीं ले रही। अखिलेश के इस बयान का भोजपुरी अंदाज में जबाव देते हुए भोजपुरी सुपरस्टार और बीजेपी नेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने तीखा हमला कर कहा कि ‘घुस जालें बिलिया में सांप, बिच्छू, गोजर, चलेला जब चांप के बाबा के बुलडोजर। 

अखिलेश के बयान से बीजेपी नेता कर रहे हैं पलटवार

दरअसल अखिलेश यादव के बयानबाजी के बाद से बीजेपी नेताओं के भी पलटवार सामने देखने को मिल रहे हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी बयान का जबाव देते हुए कहा था कि अखिलेश यादव को अपनी पार्टी का चुनाव चिन्ह AK-47 कर लेना चाहिए। अब जब ब्यानबाजी की शुरुआत हो ही गई है तो भला इस रेस में कोई पूर्व आईपीएस अधिकारी का बयान सामने ना आए ऐसा हो नहीं सकता। आपको बता दें कि बयानबाजी की रेस में पूर्व डीजीपी व राज्यसभा सांसद बृजलाल ने भी अखिलेश पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा है कि "समाजवादी पार्टी को अपना चुनावचिन्ह साईकिल की जगह LMG कर देना चाहिए, जो बिलकुल उपयुक्त है क्योंकि यही LMG मुख़्तार अंसारी ने कृष्णानन्द राय की हत्या के लिए मंगाई थी, जो जनवरी 2004 में STF ने पकड़ी थी। इस बयान में अखिलेश यादव के पिता को घेरते हुए कहा कि आपने पिता श्री ने इसे  POTA से मुख़्तार को बचा लिया था। ” मुख़्तार के गनर मुन्नर यादव और फ़ौज से चुराकर LMG लाने वाले उसके भांजे बाबूलाल यादव को 10-10 साल की सजा हो गयी। मुख़्तार पर कार्यवाही नही हुई और कृष्णानन्द राय की दिसम्बर 2005 में आप की सरकार में हत्या की गई। 

लेखक

Madhvi Tanwar

Police Media News

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