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आगरा: कोरोना वायरस के चलते हो सकती है बंदियों की रिहाई, जानिए पूरा मामला

आगरा: कोरोना वायरस के चलते हो सकती है बंदियों की रिहाई, जानिए पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के आगरा से खबर हैं जहां, कोरोना के बढ़ते प्रकोप को मध्य नज़र रखते हुए जिला जेल में निरुद्ध 605 विचाराधीन और 106 सजायाफ्ता बंदियों को रिहाई मिल सकती है। इसी पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की हाई पावर कमेटी ने जेलों में सात वर्ष तक की सजा वाले अपराध में निरुद्ध विचाराधीन व सजायाफ्ता बंदियों को अंतरिम जमानत एवं पेरोल पर रिहा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जेल प्रशासन ने ऐसे बंदियो की सूची तैयार करके शासन को भेज रहा है। जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। 

जानिए पूरा मामला

आपको  बता दें, प्रदेश की जेलों में निरुद्ध 45 साल से अधिक आयु के बंदियों के साथ ही कर्मचारियों एवं अधिकारियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है।इसके बावजूद भी जेलों में कोराेना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी ने विचाराधीन व संजायाफ्ता बंदियों की रिहाई की योजना घोषित की है। इसके तहत न्यायिक अधिकारियों को जेलों में जाकर बंदियों को 60 दिन की अंतरिम जमानत व पेरोल पर रिहा करने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जेल प्रशासन ने पिछले वर्ष दो सौ से ज्यादा विचाराधीन व सजायाफ्ता बंदियाें को अंतरिम जमातन व पेरोल पर रिहा किया था। सितंबर में पेरोल की अवधि समाप्त होने पर अधिकांश बंदी लौट आए थे। मगर, 21 बंदी अभी तक जिला जेल में वापस नही लौटै। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने टीम बनाई थीं। मगर, 21 बंदी उसकी पकड़ से अभी तक बाहर हैं।

संवाददाता

MEGHA CHAUHAN

Police Media News

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