मेरठ पुलिस हुई एआई तकनीक से लैस, यक्ष ऐप से अब सिपाही करेंगे अपराधियों की निगरानी

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मेरठ पुलिस ने तकनीक की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम उठाते हुए एआई आधारित यक्ष ऐप को पुलिसिंग सिस्टम में शामिल कर लिया है। बुधवार रात एसएसपी डॉ. विपिन ताडा द्वारा इस ऐप का उद्घाटन किया गया। यह ऐप अपराधियों की पहचान, सत्यापन और निरंतर निगरानी के लिए तैयार किया गया है, जिससे पुलिस व्यवस्था को अधिक स्मार्ट, तेज और प्रभावी बनाया जा सके।

ये है खासियत

यक्ष ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका संचालन सीधे बीट कांस्टेबल के हाथ में होगा। अब तक पुलिस के अधिकतर डिजिटल ऐप थाना प्रभारी की आईडी से संचालित होते थे, लेकिन यक्ष ऐप पहला ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे सिपाही अपनी आईडी से ऑपरेट कर सकेगा। इससे फील्ड लेवल पर तैनात पुलिसकर्मियों को तुरंत कार्रवाई करने में सुविधा मिलेगी और सूचनाओं के आदान-प्रदान में देरी नहीं होगी।

यह ऐप पहले से मौजूद त्रिनेत्र, पहचान और बीट प्रहरी ऐप की क्षमताओं को एकीकृत करता है। एआई तकनीक पर आधारित यह सिस्टम अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगा। यदि किसी अपराधी का ठिकाना बदलता है, तो संबंधित बीट कांस्टेबल नया पता ऐप में अपडेट करेगा और सिस्टम स्वतः सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को अलर्ट जारी कर देगा। इससे अपराधियों की लोकेशन ट्रैकिंग कहीं अधिक सटीक हो जाएगी।

नौ बिंदुओं पर होगा सत्यापन

यक्ष ऐप के माध्यम से प्रत्येक अपराधी का नौ बिंदुओं पर सत्यापन किया जाएगा। इसमें गांव या मोहल्ले का विवरण, फोन नंबर, परिवार के सदस्यों की जानकारी, उनके मोबाइल नंबर और वर्तमान में अपराधी किस तरह का काम कर रहा है, जैसी अहम जानकारियां शामिल होंगी। यह डेटा न केवल जमीनी स्तर पर सटीक पुलिसिंग में मदद करेगा, बल्कि वरिष्ठ अधिकारी भी हर महीने अपराधियों की गतिविधियों की समीक्षा कर सकेंगे।

कुल मिलाकर, यक्ष ऐप मेरठ पुलिस के लिए एआई तकनीक से लैस एक प्रभावी साधन साबित होगा, जो अपराध नियंत्रण और निगरानी प्रणाली को नई मजबूती प्रदान करेगा।

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