मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में गुरुवार तड़के पुलिस ने ऐसा ऑपरेशन चलाया, जिसकी भनक तक ठगों को नहीं लगी। भोर होते ही चार गांवों की गलियों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ने लगी और कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका सुरक्षा घेराबंदी में आ गया। यह कार्रवाई साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर सीधे प्रहार की तरह थी।
300 पुलिसकर्मियों ने की छापेमारी
करीब 300 पुलिसकर्मियों और चार एएसपी की निगरानी में टीमों ने घर-घर दबिश शुरू की। स्थानीय लोग अभी नींद में ही थे कि उनके दरवाजों पर पुलिस ने दस्तक दी। सर्च ऑपरेशन के दौरान कई घरों में छिपाए गए मोबाइल फोन, सैकड़ों सिम कार्ड, फर्जी कागजात और बैंकिंग एप से भरे डिवाइस बरामद किए गए। कई फोन में साइबर फ्रॉड की वारदातों से जुड़े चैट और रिकॉर्ड भी मिले।
यह छापेमारी इतनी अचानक और तेज थी कि ठगी में लिप्त लोगों को भागने का अवसर तक नहीं मिला। पुलिस ने मौके से 42 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। बरामद किए गए सभी डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच शुरू हो गई है, जिससे नेटवर्क के बाकी हिस्सों का पता लगाया जा सके।
एसपी ने दी जानकारी
एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, गोवर्धन क्षेत्र में साइबर ठगी के संगठित गिरोह सक्रिय थे, जिन पर लगातार इनपुट मिल रहे थे। इसी आधार पर रणनीति बनाकर बड़े पैमाने पर यह छापेमारी की गई। उनका कहना है कि यह ऑपरेशन आगे और भी गांवों में बढ़ाया जाएगा ताकि ठगी की पूरी जड़ उखाड़ी जा सके।