आगरा। जिन पुलिसकर्मियों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा का जिम्मा होता है, वही एक सिपाही आम जनता के लिए खतरा बन बैठा। कमिश्नरेट आगरा में तैनात 2018 बैच का सिपाही मोनू तालान अपराध की दुनिया में ऐसा उलझा कि उसका रिकॉर्ड किसी पेशेवर अपराधी से कम नहीं है। आरोप है कि ड्यूटी के नाम पर छुट्टी लेकर वह लगातार अलग-अलग जिलों में वारदातें करता रहा और अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
ये है मामला
बाह के रामपुर चंद्रसैनी निवासी मोनू तालान को हाल ही में हर्षवर्धन सिंह अपहरण कांड में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उसका आपराधिक इतिहास खंगाला तो अधिकारी भी चौंक गए। हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर थाने में 2023 में उसके खिलाफ दुष्कर्म और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है।
ग्रेटर नोएडा के जेवर थाने में 2019 में बंधक बनाने, बलवा और सरकारी कार्य में बाधा डालने की एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जिसमें चार्जशीट तक दाखिल हो चुकी है। यही नहीं, बरेली के फरीदपुर थाने में 2025 में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का मामला भी सामने आया।
ड्यूटी में भी रहा लापरवाह
सिपाही की ड्यूटी पर भी लापरवाही कम नहीं रही। 16 सितंबर 2025 को सैंया थाने में तैनाती के बाद वह आमद दर्ज कर कुछ दिन की छुट्टी पर चला गया। 21 सितंबर को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम में वीआइपी ड्यूटी करने के बाद उसने थाने में वापसी दर्ज नहीं कराई, जिस पर उसकी गैरहाजिरी दर्ज की गई।
यह मामला पुलिस विभाग की उस विडंबना को उजागर करता है, जहां जनता की रक्षा करने वाला ही कानून तोड़ने में आगे निकल गया। अब पुलिस उसके खिलाफ सभी मामलों में सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है ताकि जनता का भरोसा फिर से कायम हो सके।