महाराष्ट्र पुलिस ने एक अहम फैसला लेते हुए अपने 51,000 जवानों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रील, व्लॉग और वीडियो पोस्ट डालने से रोक दिया है। यह कदम पुलिस की छवि और विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही असंगत गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। अब “खाकी स्वैग” जैसे ट्रेंड्स पर भी ब्रेक लग गया है, जो पहले जवानों के सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने वाले कंटेंट से जुड़े थे।
जारी किए निर्देश
महाराष्ट्र पुलिस प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि पुलिसकर्मी अब किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने ड्यूटी से जुड़ी किसी भी तरह की रील या वीडियो अपलोड नहीं कर सकेंगे। आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, आदेश को सुनिश्चित करने के लिए मुंबई पुलिस ने अपनी सोशल मीडिया लैब को जिम्मेदारी दी है, जो विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी रखेगी। किसी भी प्रकार के उल्लंघन की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को तुरंत दी जाएगी, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
अफसरों ने कहा ये
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कदम विभाग की गंभीरता को बनाए रखने और जवानों को अपनी ड्यूटी पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने के लिए उठाया गया है। सोशल मीडिया पर अपनी निजी गतिविधियों के प्रचार से पुलिस की पेशेवर छवि प्रभावित हो रही थी, जिसके कारण इस कदम को आवश्यक माना गया।
यह निर्देश महाराष्ट्र पुलिस की कार्यप्रणाली और अनुशासन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं। अब जवानों को अपनी गतिविधियों को सोशल मीडिया से अलग रखना होगा, ताकि वे अपनी सेवा और कर्तव्यों में पूरी तरह से निष्ठावान रह सकें।