उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कानून और नियमों के पालन को लेकर एक दिलचस्प लेकिन गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना झिंझाना क्षेत्र की है, जहां सड़क सुरक्षा नियमों से शुरू हुआ विवाद पुलिस चौकी की बिजली कटने तक पहुंच गया।
ये है मामला
मामले की शुरुआत तब हुई जब विद्युत विभाग में कार्यरत लाइनमैन आशु बिना हेलमेट बाइक चलाते हुए पुलिस चेकिंग में पकड़े गए। पुलिस ने नियमों के तहत उनका चालान किया। आरोप है कि एक ही दिन में दो बार चालान कटने से लाइनमैन आहत और नाराज हो गया। यही नाराजगी आगे चलकर टकराव का कारण बनी।
शुक्रवार को लाइनमैन अपने साथियों के साथ बिड़ल पुलिस चौकी पहुंचा और वहां लगे बिजली कनेक्शन को काट दिया। इसके बाद पूरी चौकी अंधेरे में डूब गई। कंप्यूटर सिस्टम, लाइट और अन्य जरूरी उपकरण बंद हो गए, जिससे पुलिस का दैनिक कार्य प्रभावित हुआ।
इस घटनाक्रम में चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब चौकी प्रभारी ने स्वीकार किया कि पुलिस चौकी पर कोई अधिकृत विद्युत कनेक्शन मौजूद ही नहीं था। अस्थायी और अवैध व्यवस्था से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। यानी जो विभाग आम जनता से नियमों के पालन की उम्मीद करता है, वही खुद नियमों से बाहर चल रहा था।
एएसपी ने मांगी रिपोर्ट
एएसपी सुमित शुक्ला और विद्युत विभाग के अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों का कहना है कि नियम सभी के लिए समान हैं, चाहे वह आम नागरिक हो या सरकारी विभाग।
यह मामला स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर नियमों का पालन कराने वाले ही नियम तोड़ेंगे, तो कानून पर आम जनता का भरोसा कैसे बना रहेगा?