मुजफ्फरनगर में बुधवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश अमजद ने एसएसपी की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। घटना उस वक्त हुई जब एसएसपी संजय कुमार अपनी टीम के साथ तितावी और शाहपुर क्षेत्र के जंगलों में घेराबंदी के लिए निकले थे। आइए आपको बताते हैं कि आखिर ये पूरा मामला है क्या
ऐसे हुई मुठभेड़
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी अमजद इलाके में छिपा हुआ है। जैसे ही पुलिस टीम संदिग्ध स्थान के पास पहुंची, अमजद ने कार्बाइन और पिस्टल से एसएसपी की गाड़ी को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमले में गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए।
फायरिंग के दौरान उप निरीक्षक संदीप कुमार और कांस्टेबल अशफाक को गोली लगी, लेकिन दोनों बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे, जिससे गंभीर चोट टल गई।
पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद अमजद घायल होकर गिर पड़ा। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौके से एक बाइक, पिस्टल और कार्बाइन बरामद की गई है।
मारे गए अमजद पर उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली एनसीआर, हरियाणा और उत्तराखंड में हत्या, लूट और डकैती सहित 40 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे। पुलिस का कहना है कि वह शार्प शूटर था और लंबे समय से वांछित चल रहा था।
एसएसपी की हो रही चर्चा
इस घटना के बाद एसएसपी संजय कुमार चर्चा में हैं। संजय कुमार उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। वह 2014 बैच के आईपीएस (प्रमोटेड) अधिकारी हैं और मूल रूप से आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। दर्शनशास्त्र में स्नातक संजय कुमार 1997 में पुलिस सेवा में शामिल हुए थे और 5 मई 2025 से मुजफ्फरनगर में एसएसपी के पद पर तैनात हैं। उन्हें सख्त और सक्रिय पुलिसिंग के लिए जाना जाता है।