उत्तर प्रदेश पुलिस में हाल ही में 21 अफसरों को प्रमोशन मिला है, और इन्हीं में एक नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है — अंतरराष्ट्रीय पहलवान से पुलिस अफसर बने अनुज चौधरी का। संभल के पूर्व सीओ अनुज चौधरी को अब एडिशनल एसपी (ASP) का पद मिल गया है। आदेश जारी होने के बाद उनकी वर्दी पर SP केके बिश्नोई और ASP राजेश कुमार श्रीवास्तव ने अशोक स्तंभ लगाया।
खेल कोटे से पहली बार ASP
2012 में स्पोर्ट्स कोटे से PPS में भर्ती हुए अनुज चौधरी, राज्य में खेल कोटे से एडिशनल एसपी बनने वाले पहले अफसर बन गए हैं। प्रमोशन के बाद यह उपलब्धि उन्हें और भी खास बना देती है।
संभल हिंसा, होली और जुमे की नमाज को लेकर दिए गए बयानों से लेकर एक्शन तक, अनुज चौधरी हमेशा चर्चा में रहे। उनका मशहूर बयान — “होली साल में एक बार आती है, जुम्मे की नमाज 52 बार…” — लंबे समय तक चर्चा का विषय रहा। संभल हिंसा के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि वह मरने के लिए फोर्स में भर्ती नहीं हुए हैं।
कुश्ती से खाकी तक का सफर
मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव के रहने वाले अनुज चौधरी 1997 से 2014 तक राष्ट्रीय चैंपियन रहे। उन्होंने नेशनल गेम्स, एशियाई चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स में कई पदक जीते, और 2004 एथेंस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया। उन्हें ‘शेर-ए-हिंद’, ‘भारत कुमार’, ‘उत्तर प्रदेश केसरी’ और ‘वीर अभिमन्यु’ जैसे खिताब भी मिल चुके हैं।