कुशीनगर जिले के 22 थानों में इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व पूरे धूमधाम से मनाया गया, जो लगभग 31 साल बाद हुआ। 1994 में जन्माष्टमी के दिन दस्यु गिरोह से हुई मुठभेड़ में छह पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद से थानों में ये पर्व नहीं मनाया जा रहा था। इस वर्ष पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र के निर्देश और प्रेरणा से एक बार फिर थानों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उल्लास लौट आया।
जमकर नाचे एसपी
जानकारी के मुताबिक, एसपी संतोष कुमार मिश्र स्वयं जन्माष्टमी के कार्यक्रमों में शामिल हुए और पुलिसकर्मियों के साथ जमकर नाचे। पुलिस लाइन से लेकर हर थाने में कृष्ण भक्ति से सराबोर माहौल बना रहा। कहीं कीर्तन गूंजे, तो कहीं ‘कन्हैया लाल की जय’ के नारों से थाने गूंज उठे। पुलिसकर्मियों ने पूरे श्रद्धा और उमंग के साथ कार्यक्रमों में भाग लिया।
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इस अवसर पर थानों में क्षेत्र के गणमान्य, विशिष्ट और प्रबुद्ध नागरिकों को भी आमंत्रित किया गया। थाना प्रभारियों ने फूल-मालाओं से अतिथियों का स्वागत किया और मिठाइयों से उनका मुंह मीठा कराया। तुर्कपट्टी थाने में थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष आयोजन हुआ, जिसमें भजन, पूजन और संकीर्तन देर रात तक चले।
एसपी को जाता है श्रेय
पुलिसकर्मियों ने इस दौरान 1994 की शहादत को याद करते हुए उन वीर सिपाहियों को श्रद्धांजलि भी दी। कार्यक्रमों में पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया और जनसंपर्क भी सशक्त हुआ। इस ऐतिहासिक पहल के लिए पूरा श्रेय एसपी संतोष कुमार मिश्र को जाता है, जिनकी पहल से एक बार फिर थानों में भक्ति, उल्लास और श्रद्धा का संगम देखने को मिला।