कानपुर की सड़कों पर सक्रिय लुटेरों और चेन स्नेचरों पर अब पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। मोबाइल लूट, पर्स छिनैती और चेन स्नैचिंग जैसी वारदातों पर लगाम लगाने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने पिछले दस सालों में सक्रिय अपराधियों का डेटा खंगालना शुरू किया है। जांच के दौरान अब तक 2002 ऐसे शातिर लुटेरे चिह्नित किए गए हैं, जिन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इनमें चेन स्नेचर, राह चलते मोबाइल छीनने वाले और पर्स लूटने वाले शामिल हैं।
थाना प्रभारियों को दिए गए निर्देश
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि इन अपराधियों का डोज़ियर तैयार कर सत्यापन कराया जाए। अब तक 1036 का सत्यापन पूरा भी कर लिया गया है, जबकि बाकी की प्रक्रिया जारी है। पश्चिम जोन में 1011, सेंट्रल में 534, दक्षिण में 324 और पूर्वी जोन में 133 संदिग्ध लुटेरों की पहचान की गई है। सत्यापन के बाद वास्तविक आंकड़ा और स्पष्ट होगा।
पुलिस का कहना है कि जिन अपराधियों का सत्यापन पूरा हो जाएगा, उन पर सतत निगरानी रखी जाएगी ताकि वारदातों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। हाल ही में चकेरी, श्यामनगर और त्रिमूर्ति मंदिर इलाके में कई चेन स्नैचिंग की घटनाएँ सामने आईं, जिनमें कुछ पुराने अपराधी ही शामिल पाए गए।
पुलिस कमिश्नर ने कहा ये
रघुबीर लाल ने स्पष्ट किया कि यह अभियान सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह रोकथाम की रणनीति का हिस्सा है। पुलिस अब हर जोन में सक्रिय लुटेरों की कुंडली तैयार कर उनके मूवमेंट और संपर्कों पर नजर रखेगी। उद्देश्य यह है कि शहर की सड़कों पर लूट की घटनाओं का सिलसिला थमे और लोगों का भरोसा पुलिस पर कायम रहे।