प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच पुलिस और प्रशासन ने मिलकर राहत व बचाव कार्यों को सक्रिय कर दिया है। बाढ़ की चुनौती को देखते हुए जिले में 88 विशेष राहत चौकियों की स्थापना की गई है, जो लगातार निगरानी और प्रतिक्रिया के लिए सक्रिय हैं। इन चौकियों पर पुलिस बल के साथ स्थानीय गोताखोर और नाविक भी तैनात हैं।
इन जगहों पर फोर्स तैनात
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित कैंट, दारागंज, झूंसी, अतरसुइया, कीडगंज और औद्योगिक क्षेत्र जैसे इलाकों में जल पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी की अलग-अलग टीमें तैनात हैं।
जल पुलिस प्रभारी जनार्दन साहनी ने बताया कि एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की एक-एक कंपनी को राहत कार्यों के लिए लगाया गया है, जबकि पीएसी की दो कंपनियां गश्त कर रही हैं। साथ ही 37 स्थानीय गोताखोर और 128 प्राइवेट नावों को भी कार्य में लगाया गया है।
प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त और संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष चौकियों पर तैनात पुलिस कर्मी और गोताखोर अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
बाढ़ के चलते कई इलाकों में लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं। ऐसे में खाली घरों की सुरक्षा भी एक बड़ी जिम्मेदारी बन गई है। डीसीपी नगर अभिषेक भारती ने सभी थानों को निर्देशित किया है कि वे इन संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करें।
आमजन से की अपील
पुलिस प्रशासन ने आमजन को भी सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और ज़रूरत न होने पर बाहर न निकलने की अपील की है। हालात पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संकट की घड़ी में त्वरित मदद पहुंचाई जा सके।