झारखंड सरकार ने राज्य पुलिस नेतृत्व में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा को झारखंड पुलिस का नया पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने इस संबंध में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इससे पहले तदाशा मिश्रा प्रभारी डीजीपी के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं।
कौन हैं तदाशा मिश्रा
इस नियुक्ति की खास बात यह है कि तदाशा मिश्रा 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने वाली थीं, लेकिन राज्य सरकार ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया है और नियमों के तहत दो वर्षों का निश्चित कार्यकाल प्रदान किया है। इसके साथ ही उन्हें सेवानिवृत्ति से पहले प्रोन्नति का लाभ भी मिला है। अधिसूचना के अनुसार, उन्हें महानिदेशक सह पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थापित किया गया है।
उनकी नियुक्ति झारखंड पुलिस प्रमुख के चयन एवं नियुक्ति नियमावली 2025 के संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 8 जनवरी 2025 को पुलिस प्रमुख के चयन की प्रक्रिया को लेकर एक अहम आदेश जारी किया था। उसी आदेश के आलोक में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के पैनल पर विचार किया गया और अंततः तदाशा मिश्रा के नाम को अंतिम रूप दिया गया।
क्या है नियम
नियमों के मुताबिक, राज्य के डीजीपी को न्यूनतम दो वर्षों का तय कार्यकाल दिया जाता है, ताकि पुलिस प्रशासन में स्थायित्व, निरंतरता और प्रभावी नेतृत्व सुनिश्चित किया जा सके। तदाशा मिश्रा का प्रशासनिक और फील्ड अनुभव काफी व्यापक रहा है। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, अपराध नियंत्रण और पुलिस सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
राज्य सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि तदाशा मिश्रा के नेतृत्व में आने वाले दो वर्षों में झारखंड पुलिस व्यवस्था और अधिक सशक्त, प्रभावी और आधुनिक बनेगी, साथ ही कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के मोर्चे पर नए मानक स्थापित होंगे।