उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के अखंड नगर थाने में तैनात इंस्पेक्टर क्राइम अरुण द्विवेदी रविवार शाम एक अप्रत्याशित हादसे का शिकार हो गए। गोली लगने की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हलचल मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने खुद स्थिति की निगरानी की और घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली।
ये है मामला
पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी अपने कमरे में अकेले थे और रोजमर्रा का सामान व्यवस्थित कर रहे थे। उनके पास उनकी लाइसेंसी .32 बोर की रिवॉल्वर मौजूद थी, जिसे वे सामान्यतः अपने साथ रखते थे। बताया गया कि उन्होंने रिवॉल्वर को एक तौलिये पर रख दिया था। इसी दौरान जब उन्होंने तौलिया खींचा, तो रिवॉल्वर नीचे गिर गई और अचानक गोली चल गई।
गोली उनके सीने के पास लगी और दाहिने कंधे की हड्डी में जाकर फंस गई। घटना के तुरंत बाद थाने में मौजूद एक सब-इंस्पेक्टर ने बिना देरी किए उन्हें निजी वाहन से लखनऊ के पीजीआई अस्पताल के लिए रवाना किया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें कोई गंभीर आंतरिक चोट नहीं पहुंची है।
जांच में जुटी पुलिस
घटनास्थल की जांच के लिए फील्ड यूनिट को बुलाया गया, जिसने मौके का निरीक्षण कर रिवॉल्वर को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। हथियार के चैम्बर में पांच जिंदा कारतूस और एक खाली खोखा मिला है।
हालांकि पुलिस इसे दुर्घटना बता रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों को लेकर कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं। वहीं, एसपी चारू निगम ने इंस्पेक्टर की सूझबूझ और हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि घायल होने के बावजूद उन्होंने खुद मदद लेकर अस्पताल पहुंचने में सक्रिय भूमिका निभाई।