इस्राइल द्वारा ईरान पर हमले और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने युद्ध जैसे हालात और खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
सीएम ने कहा ये
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दोबारा अलर्ट जारी किया गया।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि संवेदनशील और शिया बाहुल्य इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। धार्मिक स्थलों, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। त्योहारों का समय होने के कारण प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है, ताकि कोई अराजक तत्व माहौल खराब न कर सके। हिंसक प्रदर्शन या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
रविवार सुबह राजधानी लखनऊ में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। छोटे इमामबाड़े के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए नारेबाजी की। कई महिलाएं और पुरुष रोते-बिलखते दिखाई दिए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और स्थिति पर नजर रखी गई।
लोगों से की अपील
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि एक स्वतंत्र देश पर हमला किया गया और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया। वहीं शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि खामेनेई को दुनिया भर के मुसलमानों का मार्गदर्शक नेता माना जाता था और उनकी मौत से गहरा दुख पहुंचा है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया पर भी नजर रख रहा है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ सामग्री को तुरंत रोका जा सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अपुष्ट सूचना पर ध्यान न दें।