ललितपुर पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और गंभीर आरोपों के चलते मुख्य आरक्षी जितेंद्र यादव को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि आरोपी मुख्य आरक्षी पुलिस लाइन में तैनात था और उसके खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं।
ये है मामला
अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह के अनुसार, जितेंद्र यादव पर एक महिला पुलिस कर्मी को लगातार फोन कर परेशान करने का आरोप था। वह बार-बार मोबाइल नंबर बदलकर कॉल करता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इतना ही नहीं, वह महिला कर्मी को धमकियां भी देता था, जिससे वह तनाव में थी।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मुख्य आरक्षी ने विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए अफवाहें फैलाने का काम किया। इसके अलावा उस पर अन्य पुलिसकर्मियों से अवकाश से जुड़े कार्यों के निस्तारण के नाम पर अवैध धन की मांग करने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने जैसे गंभीर आरोप भी लगे।
मामले की जांच झांसी के अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई, जिसमें सभी आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की। मंगलवार को कार्रवाई पूरी करते हुए जितेंद्र यादव को उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा से पदच्युत कर दिया गया।
अफसरों ने कहा ये
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी कर्मचारी द्वारा इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई को विभाग में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, ताकि भविष्य में कोई भी कर्मी इस तरह के कृत्य से बचे।