हरियाणा में गन कल्चर और गैंगस्टर जीवनशैली को बढ़ावा देने वाले हरियाणवी गायकों पर पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। डीजीपी ओपी सिंह ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गायक या कलाकार अपराधियों के समान माने जाएँ और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि पैसे, शोहरत और टशन दिखाने के लिए कुछ गायकों ने अपने गीतों के माध्यम से युवाओं को हिंसा, बंदूक और अपराध की ओर प्रोत्साहित किया।
9 गायकों के गाने बैग
सरकार और पुलिस ने इस दिशा में अब तक गंभीर कदम उठाए हैं। पिछले कुछ महीनों में करीब 9 गायकों के 30 विवादित गाने बैन किए जा चुके हैं। इनमें मासूम शर्मा, गजेंद्र फोगाट, अमित सैनी, सुमित पारता, हर्ष संधू, अंकित बालयान और कुलबीर दनौदा जैसे कलाकार शामिल हैं। डीजीपी ने कहा कि युवाओं को उनके माता-पिता, शिक्षकों और समाज द्वारा दी गई सीख पल भर में पलटने के लिए ऐसे गीत जिम्मेदार हैं।
इस दिशा में हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी भी बढ़ा दी है। एसआईटी बैठकों के माध्यम से गायकों को चेतावनी दी जा रही है कि वे गन और गैंगस्टर कल्चर के प्रचार से परहेज़ करें।
साथ ही, ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत पूरे प्रदेश में अपराधियों की धरपकड़ जारी है। अब तक कुल 4566 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 1,439 कुख्यात और संगीन मामलों में शामिल हैं। 21 नवंबर को ही पुलिस ने 47 कुख्यात और 293 अन्य अपराधियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
साफ है संदेश
हरियाणा पुलिस का साफ संदेश है कि अब गायक केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि अगर उनके गीत अपराध और हिंसा को बढ़ावा देते हैं, तो उन्हें अपराधी के समान समझकर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम युवा पीढ़ी को सही दिशा में मार्गदर्शन देने और प्रदेश में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।