गाजियाबाद पुलिस का हाईटेक प्लान, अब आवाज से होगी अपराधियों की पहचान

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गाजियाबाद पुलिस अब अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पुलिस ने अपने यक्ष एप को और ज्यादा स्मार्ट बनाने की तैयारी की है। इस एप में जल्द ही वॉइस सर्च फीचर जोड़ा जाएगा, जिसके जरिए अपराधियों की पहचान उनकी आवाज के आधार पर भी की जा सकेगी।

ऐसे करेगा काम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान अब केवल फोटो और फिंगरप्रिंट ही नहीं, बल्कि उसकी आवाज का सैंपल भी रिकॉर्ड किया जाएगा। इस डेटा को सुरक्षित तरीके से एप में स्टोर किया जाएगा, जिससे भविष्य में अपराधियों की पहचान करना आसान हो जाएगा। खासतौर पर फोन पर धमकी देने, फिरौती मांगने या भीड़ में छिपे अपराधियों को पकड़ने में यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित होगी।

यक्ष एप में पहले से ही आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड, फोटो और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज की जा रही है। अब इसमें वॉइस डेटा जुड़ने से यह और प्रभावी हो जाएगा। पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में यह फीचर काफी मददगार होगा। यदि पीड़ित किसी कॉल की रिकॉर्डिंग देता है, तो एआई तकनीक के जरिए उसकी तुलना कर आरोपी तक पहुंचा जा सकेगा।

इसके अलावा, आवाज बदलकर धमकी देने वाले या भीड़ में शामिल संदिग्ध लोगों की पहचान भी अब आसान होगी। एआई की मदद से फोटो और वीडियो के जरिए चेहरा पहचानकर अपराधियों को चिन्हित किया जा सकेगा।

बेहद अहम है ये कदम

पुलिस विभाग का कहना है कि यह पहल कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम है। फिलहाल हजारों अपराधियों का डेटा एप में जोड़ा जा चुका है और इसे लगातार अपडेट किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

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