लखनऊ में सेना भर्ती के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले एक जालसाज को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को सदर क्षेत्र के उस्मान चौक के पास से दबोचा गया। उसके कब्जे से पांच अभ्यर्थियों के अंकपत्र, फर्जी आधार कार्ड और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। मामले में कैंट थाने में प्रतिरूपण और धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
अफसरों ने दी जानकारी
एसटीएफ के उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह के अनुसार, पिछले कुछ समय से लखनऊ और आसपास के जिलों में सेना भर्ती के नाम पर ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना के आधार पर टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को उस समय पकड़ा जब वह एक अभ्यर्थी से दस्तावेज लेने पहुंचा था। तलाशी के दौरान उसके पास कन्नौज निवासी आकाश कुमार के नाम से बना आधार कार्ड मिला, जो जांच में फर्जी निकला। पूछताछ में उसने अपना असली नाम आलोक तिवारी बताया।
आलोक तिवारी अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षण में पास कराने का झांसा देता था। वह पहली बार में फेल हुए युवाओं को निशाना बनाता और उनसे एक से डेढ़ लाख रुपये तक वसूलता था। उसने आठ युवकों की एक टीम बना रखी थी।
जिन अभ्यर्थियों के हाथ कांपते थे, उन्हें मेडिकल से पहले ड्यूराबोलिन का इंजेक्शन लगवाया जाता ताकि अस्थायी रूप से लक्षण दब जाएं। कान की समस्या वाले अभ्यर्थियों का उपचार कराकर उन्हें दोबारा परीक्षण के लिए भेजा जाता था।
साथियों की तलाश में जुटी एसटीएफ
आरोपी गारंटी के नाम पर अभ्यर्थियों के मूल अंकपत्र अपने पास रख लेता था और भुगतान मिलने तक वापस नहीं करता था। यदि कोई अभ्यर्थी अपने दम पर पास हो जाता, तो वह पूरी रकम हड़प लेता। फिलहाल एसटीएफ उसके अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।