फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र में होली के दिन क्रिकेट खेलने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते बड़े झगड़े में बदल गया। मामला सरकंडी पुलिस चौकी के पास स्थित विद्यालय के मैदान का है, जहां छोटेलालपुर गांव के युवक बुधवार को क्रिकेट खेल रहे थे। खेल के दौरान कई बार गेंद पुलिस चौकी की ओर चली गई, जिस पर पुलिस ने युवकों को वहां से घर जाने के लिए कहा। जब युवक नहीं माने तो पुलिस ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया, लेकिन गांव के सिपाही का पुत्र अवनीश गिहार मौके पर ही रह गया। पुलिस उसे पकड़कर चौकी ले गई।
ये है मामला
आरोप है कि चौकी में अवनीश के साथ मारपीट की गई और उसे अपशब्द कहे गए। इसकी जानकारी मिलने पर कौशांबी पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अखिलेश सिंह ग्रामीणों के साथ पुलिस चौकी पहुंच गए और बेटे को पकड़ने व मारपीट करने का विरोध करने लगे। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
विवाद के दौरान ग्रामीणों ने पथराव कर दिया, जिससे चौकी प्रभारी प्रमोद सिंह की वर्दी फट गई और क्राइम इंस्पेक्टर सुरेश सिंह, एसएसआई वृंदावन राय सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भी सख्ती दिखाते हुए ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, जिससे कई लोग घायल हो गए।
इसके बाद पुलिस ने चौकी प्रभारी की तहरीर पर सिपाही अखिलेश सिंह, उसके पुत्र अवनीश, पत्नी सोनी, पुत्री प्रीती सहित 13 नामजद और करीब 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, पथराव और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने गांव में छापेमारी कर सभी नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कोतवाल ने कहा ये
कोतवाली प्रभारी हेमंत मिश्रा के अनुसार गांव के कुछ लोग नशे में राहगीरों से अभद्रता कर रहे थे। पुलिस के मना करने पर उन्होंने चौकी पर पथराव कर दिया। फिलहाल गांव में सुरक्षा के मद्देनजर पीएसी बल तैनात कर दिया गया है।