छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग ने दंतेवाड़ा की DSP कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब प्रारंभिक जांच में उनके खिलाफ कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। जांच में यह पाया गया कि उनके वित्तीय लेन-देन और मामले से जुड़े दस्तावेजों में विरोधाभास हैं। साथ ही पद के दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति जमा करने के संकेत भी सामने आए, जो सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के खिलाफ हैं।
ये था मामला
मामला रायपुर के व्यापारी दीपक टंडन की शिकायत से सामने आया। टंडन का आरोप है कि 2021 से कल्पना वर्मा ने कथित “लव ट्रैप” के माध्यम से उनसे लगभग 2.5 करोड़ रुपये वसूले। इसमें नकद, एक लग्जरी कार, हीरे और सोने के गहने सहित अन्य कीमती उपहार शामिल थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायत के बावजूद कार और गहने वापस नहीं किए गए।
सरकार ने इस मामले की जांच अतिरिक्त SP स्तर के अधिकारी को सौंपी। अधिकारी ने लगभग 1475 पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप दी। रिपोर्ट में DSP और व्यवसायी के बीच हुई व्हाट्सएप बातचीत भी शामिल है, जिसमें पुलिस से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा करने का संकेत मिला।
लगा ये भी आरोप
इसके अलावा, व्यवसायी ने DSP के भाई के नाम पर होटल खोलने के लिए बड़ी रकम लेने का भी आरोप लगाया है। जांच में यह पाया गया कि आरोपों की गंभीरता के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई अपरिहार्य थी। इसी आधार पर राज्य सरकार ने कल्पना वर्मा को निलंबित करते हुए आगे की जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय रहेगा। इस अवधि में उन्हें सरकारी नियमों के अनुसार गुजारा भत्ता मिलेगा। DSP कल्पना वर्मा ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है।