उत्तर प्रदेश में साल 2025 पुलिस कार्रवाई के लिहाज़ से अब तक का सबसे सख्त साल माना जा रहा है। इस दौरान यूपी पुलिस ने एनकाउंटर के जरिए 48 कुख्यात अपराधियों को ढेर किया, जो पिछले आठ वर्षों में सबसे बड़ा आंकड़ा है। पुलिस मुख्यालय में दी गई जानकारी के अनुसार, 20 मार्च 2017 से लेकर 29 दिसंबर 2025 तक प्रदेश में कुल 266 अपराधी पुलिस मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं।
डीजीपी ने दी ये जानकारी
DGP राजीव कृष्ण ने बताया कि वर्ष 2025 में पुलिस ने अपराध के खिलाफ 2,739 बड़े ऑपरेशन चलाए। इन अभियानों में 3,153 अपराधी घायल हुए, जबकि ड्यूटी के दौरान एक पुलिसकर्मी ने अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत की गई।
आंकड़ों पर नज़र डालें तो बीते वर्षों में एनकाउंटर में मारे गए अपराधियों की संख्या कुछ इस प्रकार रही—2018 में 41, 2019 में 34, जबकि 2020 और 2021 में 26-26 अपराधी ढेर किए गए थे।
प्रदेश में गैर-कानूनी धर्म परिवर्तन के मामलों पर भी पुलिस ने सख्ती दिखाई। इस संबंध में 475 मुकदमे दर्ज हुए और 855 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई, जिनमें से 379 मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
गाय तस्करी और गोहत्या के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियानों के तहत पूरे राज्य में 1,197 केस दर्ज किए गए। इन मामलों में 3,128 आरोपियों को पकड़ा गया और 958 केसों में अदालत में चार्जशीट पेश की गई।
इसके अलावा गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत 1,886 अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए 7.38 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई।
चोरी, डकैती और सेंधमारी के मामलों में भी बड़ी बरामदगी हुई। पुलिस ने 8,543 दोपहिया वाहन, 911 चारपहिया वाहन, 28.69 करोड़ रुपये नकद, 52.27 करोड़ रुपये के गहने और 58.17 करोड़ रुपये की अन्य संपत्ति जब्त की। साथ ही 54,995 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें से 49,404 फोन उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए गए।
ये भी दी जानकारी
DGP ने यह भी बताया कि 1 जनवरी से 20 दिसंबर 2025 के बीच पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत 1.16 लाख वाहन, 50.97 करोड़ रुपये नकद, 76.42 करोड़ रुपये के आभूषण और 3.36 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान का निपटान किया। नशीले पदार्थों के मामलों में जब्त की गई 39.53 करोड़ रुपये की संपत्ति को भी नियमों के अनुसार डिस्पोज़ किया गया।