देवरिया में पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पासपोर्ट सत्यापन जैसे संवेदनशील और आम जनता से सीधे जुड़े कार्यों में रिश्वतखोरी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अन्य सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
ये था मामला
दरअसल, पुलिस विभाग के फीडबैक सेल को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ पुलिसकर्मी पासपोर्ट सत्यापन के दौरान आवेदकों से अवैध धन की मांग कर रहे हैं। शिकायतें केवल कागजों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उनकी गोपनीय जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद SP संजीव सुमन ने बिना किसी दबाव या देरी के कार्रवाई का फैसला लिया। यह कदम साफ तौर पर बताता है कि जिले में पुलिसिंग अब जवाबदेही के साथ की जाएगी।
निलंबित किए गए दोनों सिपाही अलग-अलग थानों में तैनात थे और दोनों के खिलाफ पासपोर्ट सत्यापन के बदले रिश्वत लेने के ठोस प्रमाण मिले। वहीं, एक अन्य सिपाही को प्रशासनिक आधार पर लाइन हाजिर किया गया है, जिनकी भूमिका की विभागीय जांच जारी है।
एसपी ने की अपील
इस कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि पुलिस अधीक्षक ने जनता की शिकायतों को आधार बनाकर निर्णय लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि जनसेवा से जुड़े किसी भी कार्य में भ्रष्टाचार, लापरवाही या अनुचित आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि कोई पुलिसकर्मी सरकारी काम के बदले पैसे की मांग करता है, तो उसकी सूचना तुरंत दें।
देवरिया में SP संजीव सुमन की यह सख्ती न सिर्फ पुलिसकर्मियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम जनता के बीच भरोसा कायम करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम माना जा रहा है।