प्रयागराज में गंगा के उफान और बाढ़ जैसे हालात के बीच सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। फतेहपुर में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर का बेटा अंशुमान सिंह गंगा में नहाते समय तेज बहाव में बह गया। करीब 17 घंटे तक चली तलाश के बाद उसका शव घटनास्थल से लगभग 45 किलोमीटर दूर दिघिया घाट के पास जाल में फंसा मिला।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, नैनी कोतवाली क्षेत्र के खरकौनी निवासी 24 वर्षीय अंशुमान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। सोमवार सुबह वह कार से चार दोस्तों के साथ दिल्ली पब्लिक स्कूल के पास बाढ़ का नजारा देखने पहुंचा। बढ़े हुए पानी में सभी स्नान करने लगे, तभी अंशुमान गहरे पानी में चला गया। दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज धारा ने उसे बहा दिया।
सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर बृज किशोर गौतम, एसीपी अरुण कुमार त्रिपाठी, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। हालांकि रात भर की मशक्कत के बावजूद अंशुमान का कोई पता नहीं चल पाया।
पुलिस को दी सूचना
मंगलवार को दिघिया घाट के पास स्थानीय मछुआरों ने शव को जाल में फंसा देखा और पुलिस को सूचना दी। बेटे का शव मिलने की खबर मिलते ही उसके मां-पिता और परिजन प्रयागराज पहुंचे। जैसे ही मां ने बेटे को देखा, वह बेसुध होकर गिर पड़ीं।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से शहर और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे स्नान और नाविक गतिविधियां बेहद जोखिम भरी हो गई हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं।