लखनऊ के आलमबाग इलाके में शुक्रवार की शाम एक शांत मकान के भीतर वह मंजर सामने आया, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यूपी पुलिस में तैनात 27 वर्षीय सिपाही बालकृष्ण की मौत की खबर से महकमे और परिजनों दोनों में शोक की लहर दौड़ गई। बालकृष्ण मूल रूप से अलीगढ़ जिले के पिसावा क्षेत्र के रहने वाले थे और पिछले एक साल से आलमबाग में ड्यूटी कर रहे थे।
मौके पर पहुंची टीम
बालकृष्ण वाहन चालक के पद पर तैनात थे और थाने में ही तैनात एक अन्य सिपाही विनोद कुमार के साथ किराए के मकान में रह रहे थे। शुक्रवार को दिनभर सामान्य गतिविधियों के बाद शाम करीब पांच बजे वह कुछ देर के लिए बाहर टहलते दिखे। इसके बाद वह कमरे में चले गए। समय बीतता गया, लेकिन बाहर नहीं आए।
इसी बीच उनके भाई ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की। लगातार कॉल जाने के बावजूद फोन नहीं उठा। चिंता बढ़ने पर भाई ने विनोद से बालकृष्ण की जानकारी लेने को कहा। रात करीब आठ बजे जब विनोद कमरे तक पहुंचे, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। बालकृष्ण पंखे से लटके हुए मिले।
घटना की सूचना मिलते ही आलमबाग थाना पुलिस, कैंट एसीपी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। कमरे की बारीकी से जांच की गई। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर डिजिटल जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अंतिम समय में बालकृष्ण किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे।
नहीं मिला सुसाइड नोट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बालकृष्ण के पिता कालीचरण को घटना की जानकारी दे दी गई है। परिजन बताते हैं कि बालकृष्ण की शादी फरवरी 2026 में तय थी और वह संगीत के बेहद शौकीन थे। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।