उत्तर प्रदेश पुलिस के तीन जांबाज़ सिपाहियों ने वर्ष 2024-25 में कर्तव्यपथ पर अपने प्राण न्योछावर किए। 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में इन शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उनके परिजनों को सम्मानित करेंगे।
इनके परिजनों को किया जाएगा सम्मानित
इस वर्ष जिन वीरों को प्रदेश नमन् कर रहा है, उनमें सबसे पहले नाम है निरीक्षक सुनील कुमार (एसटीएफ) का। 20 जनवरी 2025 को वे शामली में एक इनामी बदमाश की घेराबंदी करते हुए बदमाशों की गोलियों का शिकार हुए। गोली लगने के बावजूद उन्होंने नेतृत्व नहीं छोड़ा और चार अपराधियों को ढेर कर दिया। दो दिन बाद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
दूसरे हैं मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह, जो 17 मई 2025 की रात जौनपुर में गो-तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते समय पिकअप वाहन से कुचल दिए गए। घायल अवस्था में उन्होंने दम तोड़ दिया लेकिन उनकी वीरता से बदमाशों की कमर टूट गई।
तीसरे शहीद हैं आरक्षी सौरभ कुमार, जिन्हें 25 मई को गौतमबुद्धनगर पुलिस टीम के साथ एक वांछित अपराधी को पकड़ने के दौरान उग्र भीड़ ने गोली मार दी। भीड़ के पथराव और फायरिंग में सौरभ कुमार शहीद हो गए।
हर कदम पर तैयार रहती है यूपी पुलिस
इन तीनों जवानों की शहादत ने साबित किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस का हर जवान अपने कर्तव्य के लिए जान की बाजी लगाने को हमेशा तैयार रहता है। मुख्यमंत्री योगी द्वारा दी जाने वाली श्रद्धांजलि उनके बलिदान को सम्मान देने का प्रतीक होगी।