चित्रकूट। जिले में खनन माफियाओं से मिलीभगत और अवैध वसूली के एक वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी ट्रकों को निकलवाने के बदले कथित रूप से पैसे लेते दिखाई दे रहे हैं। मामला प्रकाश में आते ही पुलिस अधीक्षक ने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए एक दरोगा और तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया।
ये है मामला
सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो चित्रकूट जिले के राजापुर, पहाड़ी, भरतकूप और सरधुंआ थाना क्षेत्रों से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी बालू और अन्य खनिज सामग्री लदे ट्रकों से कथित रूप से उगाही करते नजर आ रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से सभी को लाइन हाजिर कर निलंबन के आदेश जारी किए हैं।
निलंबित पुलिसकर्मियों में राजापुर थाने के उपनिरीक्षक इमरान, पहाड़ी थाने के कांस्टेबल शुभम, भरतकूप थाने के कांस्टेबल रणबीर और सरधुंआ थाने के कांस्टेबल अजय कुमार शामिल हैं। जांच में यह बात भी सामने आई है कि ये सभी पुलिसकर्मी बालू लदे ट्रकों को बिना रोकटोक निकलवाने के लिए अवैध रूप से धनराशि वसूलते थे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वीडियो की तकनीकी जांच कराई जा रही है, ताकि इसकी पुष्टि हो सके कि यह घटना कब और कहां की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ मुकदमा दर्ज करने की भी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मामले की जांच शुरू
इस कार्रवाई के बाद जिले भर में पुलिस महकमे में हलचल है। एसपी के इस सख्त रुख को साफ संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि खनन या किसी भी अवैध गतिविधि में पुलिस की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो तत्काल कार्रवाई तय है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इसी प्रकार के अन्य मामलों की भी समीक्षा शुरू कर दी गई है ताकि खनन माफिया और पुलिस की मिलीभगत पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।