Blog

पुलिस की गोकशों से मुठभेड़, 5 गिरफ्तार, तमंचा व औजार बरामद

मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में धौलड़ी गांव के जंगल में पुलिस और गोकशों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने पांच गोकशों को गिरफ्तार कर लिया। एक गोकश पुलिस की गोली पैर में लगने से घायल हो गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो गोवंश, एक तमंचा, तीन कारतूस और गोकशी करने के औजार बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, खानपुर राजवाहे से धौलड़ी की तरफ जाने वाले रास्ते के पास आम के बाग में गोकशी करने वाले पांच बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से एक गोकश घायल हो गया। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पांच गोकशों को गिरफ्तार कर लिया। घायल गोकश मेहरदीन पुत्र मेहर ईलाही धौलड़ी का रहने वाला है।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा 315 बोर, पांच कारतूस, एक खोखा, गोवंश व गोकशी में प्रयुक्त होने वाले दांव, छुरे और रस्सी बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध थाना जानी पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गिरफ्तार आरोपी पिछले काफी समय से आवारा घूमने वाले गोवंश को पकड़ कर रात्रि में गोकशी करते आ रहे थे। अभियुक्त मेहरदीन पुत्र मेहर ईलाही थाना जानी का हिस्ट्रीशीटर है। जोकि पिछले कई वर्षों से लापता चल रहा था। गिरफ्तार मेहरदीन इस समय राशिद गेट थाना लोनी जनपद गाजियाबाद में रह रहा था। इसके अलावा इशाक पुत्र हनीफ निवासी कमेला मौहल्ला ग्राम धौलड़ी, सुहैल पुत्र मेहरदीन निवासी ग्राम धौलड़ी, शोएब पुत्र युसुफ निवासी रससूलपुर धौलड़ी, लियाकत पुत्र शौकत निवासी रसूलपुर धौलड़ी है।

मुजफ्फरनगर से प्रमोट होकर मेरठ में एसपी सिटी बने यें IPS अफसर

मुजफ्फरनगर में लंबे समय तक क्षेत्राधिकारी नगर की जिम्मेदारी संभालने वाले आइपीएस अधिकारी आयुष विक्रम सिंह का तबादला मेरठ कर दिया गया है। उन्हें प्रमोट कर मेरठ में एसपी सिटी की जिम्मेदारी मिली है। कांवड़ मेले में उन्होंने नगर क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभाली है। इसके साथ ही मुजफ्फरनगर में व्योम बिंदल को सहायक पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर नियुक्त किए गया हैं।

Ips news

सरकार ने तीन आईपीएस और एक पीपीएस का शुक्रवार को तबादला कर दिया। मेरठ के एसपी सिटी पीयूष सिंह का पीटीएस सुल्तानपुर स्थानांतरण हो गया है। अब आयुष विक्रम सिंह मेरठ के नए एसपी सिटी होंगे। बताया गया कि आईपीएस आयुष विक्रम सिंह मुजफ्फरनगर में सीओ हैं।

बताया गया कि आयुष विक्रम सिंह मेरठ में अंडर ट्रेनी आईपीएस रहे हैं। आयुष विक्रम मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं

असम में शांति के नए युग का आरंभ, नॉर्थ ईस्ट में उग्रवाद का खात्मा! मोदी सरकार के राज में उल्फा ने डाले हथियार, 40 साल में पहली बार हुआ ऐसा

पूर्वोत्तर में शांति प्रयास की दिशा में शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भारत सरकार का ऐतिहासिक समझौता हुआ. 40 साल में पहली बार सशस्त्र उग्रवादी संगठन उल्फा ने भारत और असम सरकार के साथ शांति समाधान समझौते पर दस्तखत किए. शांति समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उल्फा के अरबिंद राजखोवा नीत वार्ता समर्थक गुट के एक दर्जन से अधिक शीर्ष नेता उपस्थित रहे.

उल्फा यानी यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम के एक धड़े के 20 नेता पिछले एक हफ्ते से दिल्ली में थे और भारत सरकार, असम सरकार के आला अधिकारी इसे समझौते के मसौदे पर राजी करवा रहे थे. उल्फा का यह धड़ा अनूप चेतिया गुट का है, जबकि दूसरा गुट परेश बरुआ की अगुवाई में अब भी सक्रिय है. इस समझौते के बाद पूर्वोत्तर में उग्रवाद समाप्ति की दिशा में भारत सरकार का बहुत बड़ा कदम होगा.

दरसल 2011 से उल्फा के इस गुट ने हथियार नहीं उठाए हैं, लेकिन यह पहली बार है जब बाकायदा एक शांति समझौते का मसौदा तैयार किया गया है और दोनों पक्षों के नुमाइंदों ने उस पर हस्ताक्षर किया है

कौन हैं IPS नीना सिंह जिन्होंने CISF की पहली महिला प्रमुख बन रच दिया इतिहास

आईपीएस अधिकारी नीना सिंह को सीआईएसएफ यानी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का प्रमुख बनाया गया है. खास बात यह है कि नीना सिंह ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का प्रमुख बन इतिहास रच दिया है, क्योंकि यह कारनामा करने वालीं वह देश की पहली महिला हैं, जो सीआईएसएफ की महिला प्रमुख बनी हैं. आईपीएस अधिकारी नीना सिंह वर्तमान में सीआईएसएफ की विशेष महानिदेशक हैं. सीआईएसएफ के पास पूरे देश में हवाई अड्डों, दिल्ली मेट्रो, सरकारी भवनों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है.

कौन हैं नीना सिंह

नीना सिंह को मणिपुर-कैडर अधिकारी के रूप में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में शामिल किया गया था, लेकिन बाद में वह राजस्थान कैडर में चली गईं. वर्ष 1989 बैच की आईपीएस अधिकारी नीना सिंह इस साल 31 अगस्त को शीलवर्धन सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद से सीआईएसएफ महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही हैं. कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 31 जुलाई, 2024 तक यानी सेवानिवृत्ति की तारीख तक, सीआईएसएफ के महानिदेशक के रूप में नीना सिंह की नियुक्ति को मंजूरी दी है.

सीबीआई में भी कर चुकी हैं काम

दरअसल, नीना सिंह राजस्थान कैडर में आवंटित पहली महिला आईपीएस अधिकारी थीं, जहां उन्होंने राज्य भर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. उन्होंने 2013-18 के दौरान सीबीआई में संयुक्त निदेशक के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव वाले कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की. वह 2021 से सीआईएसएफ में काम कर रही हैं. वह पहले एडीजी के रूप में और फिर स्पेशल डीजी के रूप में और 31 अगस्त 2023 से डीजी प्रभारी के रूप में लगातार सीआईएसएफ में काम कर रही हैं.

UP के SDG-L&O प्रशांत कुमार को नए साल से पहले मिला प्रमोशन का गिफ्ट, आदेश जारी..1 जनवरी को बनेंगे DG

नए साल से पहले आईपीएस प्रशांत कुमार को मिला गिफ्ट

योगी सरकार ने 34 आईपीएस अफसरों को दिया नए साल से पहले प्रमोशन का गिफ्ट, SSP से बने DIG

उत्तर प्रदेश सरकार ने 34 आईपीएस अफसरों को प्रमोशन दिया है। यह सारे अफसर पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपायुक्त जैसे पदों पर तैनात हैं। इन सभी को बतौर पुलिस उप-महानिरीक्षक पदोन्नत किया गया है। इसका आदेश उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने जारी कर दिया है। जिनमें अलीगढ़ के एसएसपी कलानिधि नैथानी और मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले आईपीएस अफसर संजीव त्यागी भी डीआईजी बन गए हैं।

यहां देखे किसे मिला प्रमोशन का तोहफा

Ips parmotion

  1. राजकमल यादव
  2. राकेश पुष्कर
  3. मनोज कुमार सोनकर
  4. कुलदीप नरायन
  5. मनीराम सिंह
  6. किरन यादव
  7. प्रमोद कुमार तिवारी
  8. राशीद खान
  9. एस आनंद
  10. राजीव नारायन
  11. सुशील कुमार सिंह
  12. अशोक कुमार-4
  13. प्रदीप गुप्ता
  14. डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह
  15. राधेश्याम
  16. कल्पना सक्सेना
  17. सुरेश्वर
  18. रामजी सिंह यादव
  19. संजय सिंह
  20. राम किशुन
  21. राजकमल यादव
  22. राकेश पुष्कर
  23. मनोज कुमार सोनकर
  24. कुलदीप नरायन
  25. मनीराम सिंह
  26. किरन यादव
  27. प्रमोद कुमार तिवारी
  28. राशीद खान
  29. एस आनंद
  30. राजीव नारायन
  31. सुशील कुमार सिंह
  32. अशोक कुमार-4
  33. प्रदीप गुप्ता
  34. डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह

IPS Promotion: 82 IPS के प्रमोशन का रास्ता साफ, 40 IPS अफसर बनेंगे DIG, जारी हुआ आदेश

यूपी के 82 आईपीएस के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। करीब 40 IPS अफसरों के प्रमोशन की मंजूरी मिल गई है। ये सभी SSP से प्रमोट होकर DIG बनेंगे। सभी अफसर 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। 2006 बैच के अफ़सर IG और 2010 बैच के IPS बनेगे DIG.  वर्ष 1999 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस रमित शर्मा और डॉ. संजीव गुप्ता आईजी से एडीजी पद पर पदोन्नत किए जाएंगे। इसी तरह वर्ष 2006 बैच के आईपीएस डीआईजी से आईजी और 2010 बैच के आईपीएस एसपी से डीआईजी पद पर पदोन्नत किए जाएंगे, जबकि वर्ष 2011 बैच के अफसरों को सेलेक्शन ग्रेड दिया गया है। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में इन अफसरों को पदोन्नत किए जाने की संस्तुति की गई।

प्रमुख सचिव व डीजीपी विजय कुमार बैठक में मौजूद

बैठक में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और डीजीपी विजय कुमार भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार कुल 82 आईपीएस अफसरों को प्रोन्नति का लाभ मिला है। बैठक में वर्ष 1991 और वर्ष 1992 बैच के आईपीएस अफसरों को डीजी पद पर प्रोन्नति देने की सिफारिश की गई है, जो भविष्य में होने वाली डीजी पद की रिक्तियों के सापेक्ष होगी। डीजी का पद रिक्त न होने से अभी 1990 बैच के ही सभी आईपीएस अफसरों को डीजी पद पर प्रोन्नति नहीं हो पाई है। आगामी 31 जनवरी को डीजीपी विजय कुमार के रिटायर होने के बाद 1990 बैच के एक आईपीएस की प्रोन्नति होगी।

2010 बैच के आईपीएस एडीजी पद पर प्रोन्नत

एडीजी पद पर प्रोन्नत होने वाले रमित शर्मा वर्तमान में प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर हैं, जबकि संजीव गुप्ता सचिव गृह के पद पर तैनात हैं। एसपी से डीआईजी पद पर प्रोन्नत किए जाने वाले वर्ष 2010 बैच के आईपीएस अफसरों में लगभग 32 अफसर शामिल हैं। इनमें वैभव कृष्ण, कलानिधि नैथानी, गौरव सिंह, प्रभाकर चौधरी, संजीव त्यागी, पूनम, कुंतल किशोर, हरीश चंद्र, सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, सत्येन्द्र कुमार व शिवहरि मीना आदि प्रमुख हैं।

इन अधिकारियों का हुआ प्रमोशन

IPS वैभव कृष्ण

IPS कलानिधि नैथानी

IPS गौरव सिंह

IPS प्रभाकर चौधरी

IPS संजीव त्यागी

IPS शगुन गौतम

IPS पूनम

IPS कुंतल किशोर

IPS हरीश चन्द्र

IPS सत्यार्थ अनिरुद्ध

IPS सतेंद्र कुमार

IPS शिव हरि मीना

IPS राहुल राज

IPS शफीक अहमद

IPS राधेश्याम

IPS कल्पना सक्सेना

IPS सुरेश्वर

IPS रामजी सिंह यादव

IPS संजय सिंह

IPS राम किशन

IPS राकेश पुष्कर

IPS मनोज कुमार सोनकर

IPS कुलदीप नारायण

IPS मनीराम सिंह

IPS किरण यादव

प्रमोद कुमार तिवारी

IPS शहाब रशीद खान

IPS एस आनंद तथा कुछ अन्य अफ़सर बने DIG

खाकी वर्दी का दरोगा ने दिखाया खूब रौब: गरीब पर भी न आया तरस

वर्दी के नशे में चूर दरोगा ने एक टेंपो चालक के साथ अभद्रता की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वहीं, वीडियो वायरल होने पर एसपी सिटी ने जांच शुरू करा दी है।

वीडियो वायरल होने पर हरकत में आए अफसर

मुजफ्फरनगर में चरथावल बस स्टैंड पर जाम खुलवाने के दौरान कस्बा प्रभारी ने चालक को टेंपो से खींचकर अभद्रता की। वहीं, वीडियो वायरल होने पर एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने जांच शुरू करा दी।

कस्बे में चरथावल-थानाभवन मार्ग पर बस स्टैंड है। यहां दुकानदारों का मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण, फलों के ठेलों एवं पाइप लाइन बिछने के कार्य से अक्सर जाम रहता है। गन्ने के ओवरलोड़ ट्रकों एवं ट्रॉलों ने हालात ज्यादा खराब कर दिए है। बस स्टैंड पर जाम से मुक्ति दिलाने के लिए थाने से दरोगा एवं होमगार्ड को ड्यूटी पर लगाया गया है।
बताया कि वाहनों के साथ ही सड़क के बीच में टेंपो आने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर होमगार्ड ने चालक से टेंपो हटवाकर साइड में लगवा दिया। आरोप है कि कस्बा प्रभारी दरोगा ने टेंपो से खींच कर चालक को डांटा फटकारा और नसीहत दी। अभद्रता भी की। घटना पास में लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई। इसके बाद यह वीडियो किसी ने वायरल कर दिया।

थाना प्रभारी ओपी सिंह ने बताया कि मामले में किसी पीड़ित की कोई शिकायत नहीं मिली है। जाम खुलवाने के लिए चालक को डांटने की बात सामने आई है। उधर, एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सीओ सदर को वीडियो की जांच करने के आदेश दिए हैं।

तो क्या CM के महिला सुरक्षा वाले हुए फेल, महिला जज के बाद अब IPS ने ADG और IG पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप, डीजीपी तक भी जा पहुंचा मामला

उत्तर प्रदेश की महिला जज की शारीरिक शोषण शिकायत और सीजेआई से इच्छामृत्यु मांगने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। दूसरी तरफ अब यूपी में तैनात महिला आईपीएस से साथ प्रताड़ना का मामला सामने आया है। प्रदेश की महिला IPS ने अपनी इकाई के एडीजी और आईजी के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना की गंभीर शिकायत की है। शिकायत के बाद से ही महिला अफसर निजी कारणों का हवाला देकर लंबी छुट्टी पर हैं। डीजीपी ने महिला डीजी को मामले की जांच सौंपी है। आरोपित अफसरों के खिलाफ जांच चल रही है।

महिला अफसर की शिकायत में उनके दो वरिष्ठ अफसरों पर गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि दोनों अफसर लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। अफसरों द्वारा उनके कार्यक्षेत्र में बेवजह अड़चन पैदा की जा रही थी। जाति को लेकर भी टिप्पणियां की गईं। आरोप है कि महकमे की महिला हेड कॉन्स्टेबल के साथ हुई वारदात को लेकर दोनों अफसरों ने महिला अफसर के साथ काफी अभद्रता की, जबकि हेड कॉन्स्टेबल के साथ हुई वारदात महिला अफसर के कार्यक्षेत्र की नहीं थी।

डीजीपी ने बैठाई जांच

महिला आईपीएस का आरोप है कि दोनों अधिकारी विभागीय कार्यों में उन्हें बाईपास करके उनके जूनियर अफसरों से समन्वय कर रहे थे। प्रताड़ना बढ़ने के बाद महिला अफसर ने डीजीपी से मामले की शिकायत की। इसके बाद डीजीपी ने मामले की जांच डीजी स्तर की महिला अफसर को सौंप दी है।

कैसे पुलिस कांस्टेबल का बेटा बन गया जरायम की दुनिया का बेताज बादशाह, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद की डोंगरी टू दुबई की पूरी कहानी

भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी दाउद इब्राहिम को जहर देने की खबर जैसे ही सोशल मीडिया…