लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद बरेली में हुए उपद्रव की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की। दोनों अधिकारियों ने सीएम को बताया कि घटना के बाद से पुलिस और प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्रवाई पर संतोष जताते हुए दो टूक निर्देश दिया कि कानून को चुनौती देने वाला कोई भी व्यक्ति बचना नहीं चाहिए, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
सीएम ने कहा ये
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने डीएम और एसएसपी से अपेक्षा जताई कि बरेली में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति को और सख्ती से लागू किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निचली अदालतों से लेकर हाईकोर्ट तक हर मंच पर मजबूती से पैरवी हो, ताकि किसी आरोपी को राहत न मिल सके।
मुलाकात के दौरान डीएम और एसएसपी ने मुख्यमंत्री को भगवान हनुमान की प्रतिमा भेंट की। इस बीच मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर और सही पात्रों तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में जाकर समस्याओं की जाँच करें और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
इसके अलावा डीएम अवनीश सिंह ने रामायण वाटिका की प्रगति रिपोर्ट सीएम को सौंपी और वहाँ स्थापित की जाने वाली भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा के अनावरण के लिए मुख्यमंत्री को बरेली आने का औपचारिक आमंत्रण दिया, जिसे सीएम ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने पंडित राधेश्याम कथावाचक की प्रतिमा व कॉलेज नामकरण के आगामी कार्यक्रमों की भी जानकारी दी।
अभी भी जारी है कार्रवाई
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि बरेली बवाल में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर कठोर कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई इतनी प्रभावी होनी चाहिए कि यह दूसरों के लिए भी उदाहरण बने।