उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि समय पर की गई कार्रवाई किसी की जिंदगी बचा सकती है। यहां सोशल मीडिया पर एक 19 वर्षीय युवती द्वारा आत्महत्या से जुड़ी पोस्ट डालने के कुछ ही मिनटों के भीतर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए उसकी जान बचा ली।
सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट
दरअसल, युवती ने पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव के चलते इंस्टाग्राम पर एक भावुक संदेश और दवाइयां खाते हुए वीडियो साझा किया। यह पोस्ट मेटा कंपनी के अलर्ट सिस्टम के जरिए सीधे लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर तक पहुंची। रात करीब 10:18 बजे मिले इस अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी टीम ने तुरंत लोकेशन ट्रेस की और जानकारी आजमगढ़ पुलिस को भेज दी।
8 मिनट में पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही सिधारी थाना पुलिस बिना देर किए हरकत में आई और महज 8 मिनट के भीतर युवती के घर पहुंच गई। वहां उसकी हालत बिगड़ती देख पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे परिजनों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने समय पर इलाज शुरू किया, जिससे उसकी जान बच गई।
बाद में बातचीत में युवती ने बताया कि मां के निधन के बाद वह अकेलेपन से जूझ रही थी और हालिया पारिवारिक विवादों ने उसकी मानसिक स्थिति को और कमजोर कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने न केवल उसकी जान बचाई, बल्कि महिला पुलिसकर्मियों के जरिए उसकी काउंसलिंग की भी व्यवस्था की।
यह पूरी घटना यूपी पुलिस की मुस्तैदी, संवेदनशीलता और तकनीक के सही इस्तेमाल का बेहतरीन उदाहरण है, जहां सिर्फ कुछ मिनटों में की गई कार्रवाई ने एक अनमोल जिंदगी को बचा लिया।