अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाला ध्वजारोहण कार्यक्रम बेहद खास होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर में ध्वज पताका फहराएंगे और इस ऐतिहासिक आयोजन में बड़ी संख्या में वीवीआईपी मेहमानों के पहुंचने की उम्मीद है। उसी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था भी असाधारण स्तर पर तैयार की जा रही है। पूरे शहर और कार्यक्रम स्थल पर लगभग पंद्रह हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की योजना बन चुकी है, ताकि हर परिस्थिति पर काबू पाया जा सके।
पांच स्तरों में विभाजित होगी सुरक्षा व्यवस्था
प्रधानमंत्री की सुरक्षा पांच स्तरों में विभाजित होगी। सबसे नजदीकी घेरा एसपीजी के पास रहेगा, जो हमेशा की तरह सुरक्षा का सबसे जिम्मेदार हिस्सा संभालेगा। इसके बाद दूसरे स्तर पर एनएसजी के कमांडो तैनात होंगे। तीसरा स्तर एटीएस के हवाले होगा, जबकि चौथे घेरे में सीआरपीएफ के जवान मौजूद रहेंगे। सबसे बाहरी और पांचवें स्तर की सुरक्षा यूपी पुलिस, पीएसी और एसएसएफ के जवान मिलकर संभालेंगे।
इसी अंतिम घेरे में एक खास पहल की जा रही है। यूपी पुलिस के लगभग ढाई सौ चुने हुए जवान इस कार्यक्रम में बिल्कुल नए रूप में नजर आएंगे। इन्हें एसपीजी की तर्ज पर सूट-बूट में तैनात किया जाएगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था अधिक सुसंगठित और प्रभावी दिखाई दे। यह दल निरीक्षक से लेकर आरक्षी तक के उन पुलिसकर्मियों को शामिल करेगा, जिनकी फिटनेस, अनुशासन और सतर्कता पर विशेष भरोसा किया जा सकता है। खिलाड़ियों की पृष्ठभूमि वाले जवानों को इसमें प्राथमिकता मिल रही है।
ये होगा परिधान
इनके लिए जो परिधान तैयार किया जा रहा है, उसमें गहरे नीले रंग का कोट, आसमानी शर्ट और ग्रे पैंट शामिल है। यह नया लुक न केवल उन्हें एक गरिमामय उपस्थिति देगा, बल्कि यह भी दर्शाएगा कि यूपी पुलिस वीवीआईपी सुरक्षा के आधुनिक मानकों के अनुरूप खुद को लगातार विकसित कर रही है। यह आयोजन अयोध्या में सुरक्षा और व्यवस्था के नए स्तर का प्रतीक बन सकता है।