Parliament Security Breach: 100 IPS अफसरों की टीम, 5 राज्‍यों की पुलिस खंगालेगी आरोपियों का इतिहास

बुधवार को संसद में सुरक्षा में चूक के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियां हरकत में आ गई है. सुरक्षा में तैनात 8 सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ-साथ टेरेरिस्ट सेल भी जांच कर रही है. वहीं, आईबी, सीबीआई, एनआईए, रॉ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और फॉरेंसिक जांच एजेंसियां सहित कई राज्यों की पुलिस भी आरोपियों को लेकर दिल्ली पुलिस को इनपुट दे रही है. इस काम में हरियाणा, यूपी, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र पुलिस भी दिल्ली पुलिस को आरोपियों के बारे में इनपुट दे रही है. इसके साथ ही सोशल साइट्स पर आरोपियों की गतिविधियों और इनके मित्रों और पोस्ट को लेकर साइबर एकस्पर्ट्स जानकारी जुटा रहे हैं. बता दें कि दिल्ली पुलिस के 200 से अधिक अधिकारी, जवान और विशेषज्ञ इस काम में लगे हैं. इस काम में राज्यों और एजेंसियों को मिलाकर 100 से अधिक आईपीएस अधिकारी लगे हैं.

दिल्ली पुलिस की बात करें तो सिपाही, सबइंसपेक्टर, इंसपेक्टर और एसीपी स्तर के 200 से अधिक अधिकारी पिछले 24 घंटे से इस काम में लगे हुए हैं. डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, ज्वाइंट सीपी और स्पेशल सीपी लेवल के 25 से ज्यादा आईपीएस अधिकारी जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. बात दें कि पकड़े गए लोगों की पहचान सागर शर्मा, डी मनोरंजन, नीलम देवी, अमोल शिंदे और ललित झा और विक्की के रूप में हुई है. दिल्ली पुलिस के एक बड़े अधिकारी की मानें तो इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कुछ सांसदों सहित 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है. दिल्ली पुलिस ने 5 से ज्यादा लोगों को डिटेन भी कर रखा है. दिल्ली पुलिस के एसीपी स्तर से लेकर स्पेशल सीपी स्तर के 200 से अधिक अधिकारी जांच में जुटे

इन एजेंसियों ने संभाली जांच की जिम्मेदारी

दिल्ली पुलिस के पूर्व ज्वाइंट सीपी एसबीएस त्यागी कहते हैं, सुरक्षा के लिहाज से यह बड़ी चूक है. दिल्ली पुलिस सबसे पहले एफआईआर दर्ज करेगी. एफआईआर दर्ज करने के बाद इन लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी कि ये लोग कौन हैं और इनका मकसद क्या था. क्या इन लोगों ने संसद भवन के अंदर वैध तरीके से प्रवेश किया? क्या इनका मकसद आतंकवादी हमले को अंजाम देना के था? दिल्ली पुलिस कई धाराओं में इन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर सकती है. जिस भगत सिंह फैन क्लब से जुड़े हैं, उस संगठन के बारे में भी पता लगाया जाएगा.’

देश की संसद के भीतर निचले सदन में सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में चूक की घटना ने हर किसी को सकते में डाल दिया. दर्शक दीर्घा से दो लोग लोकसभा में अचानक से कूद गए और नारेबाजी करने लगे. इस दौरान एक युवक ने अपने जूते में से स्मोक क्रैकर निकाला और स्प्रे करना शुरू कर दिया. हालांकि समय रहते सुरक्षाबलों और सांसदों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया.

167 डिप्टी एसपी और सीओ केे ट्रांसफर लिस्ट ने सवाल किए खड़े….5,10,15,21,26,33,36,61,74 नंबर वालों को उसी जनपद में कैसे मिली पोस्टिंग

उत्तर प्रदेश में हर बार की तरह चुनावी गैम से पूर्व पुलिस विभाग में बंपर स्तर के तबादलों की लंबी फेहरिस्त तैयार कर कुर्सियों पर जमें पुलिसकर्मियों को यहां वहां किया गया है। ऐसे में जहां छोटे स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए जिला अधिकारियों द्वारा तबादला एक्सप्रेस को हरी झंडी कई बार दिखाई गई तो, वहीं दूसरी तरफ समय समय पर आईपीएस अधिकारियों के तबादलों ने भी खलबली मचा दी। निरंतर पुलिस विभाग में होते तबादले इस बात की तरफ यह भी संकेत करते दिखाई दे रहे हैं कि आने वाले चुनावी मौसम से पहले अभी कई अन्य आईपीएस अधिकारियों के माथे पर तबादले को लेकर चिंता की लकीरे बनी हुई हैं। ऐसे में योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने ट्रांसफर फार्मूले के पैंतरे को आजमाते हुए यूपी पुलिस में बड़ा फेरबदल किया है।

167 डिप्टी एसपी और सीओ का तबादला

पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। जिसमें बुधवार को 167 डिप्टी एसपी और सीओ का ट्रांसफर किया गया। इस फरमान के तहत पुलिस विभाग में तैनात सहायक पुलिस आयुक्त/पुलिस उपाधीक्षकों के बंपर तबादलने की सूची जारी की गई है। लेकिन जारी की गई डिप्टी एसपी तबादला लिस्ट ने कहीं ना कहीं एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं वजह साफ क्योंकि सीरियल नम्बर 5, 10, 15, 21, 26, 33, 36, 61, 74 नम्बर वालों को उसी जनपद में पोस्टिंग मिली है जहां उनकी पहले तैनाती थी।

तबादले
यूपी पुलिस

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कई नाम ऐसे जिन्हें मिली उसी जिले में तैनाती

तबादला लिस्ट में इन नंबरों पर गौर किया जाए तो इन संख्याओं में छीपे जो नाम है उन्हे उसी जिले में ही पोस्टिंग मिलना सिफारिश या मलाईदार ठीकानों की तरफ इशारा कर रहा है। कयासत यह भी लगाए जा रहे हैं कि कहीं उसी जिले में पोस्टिंग पाने के लिए कोई बड़ा खेल तो नहीं खेला गया, या फिर अधिकारियों की रहमत का कर्म है, वजह चाहे तो भी हो लेकिन इस बार हुए इन तबादलों ने कहीं ना कहीं अपनी तरफ ध्यान खिंच ही लिया है। अब देखना यह होगा की आखिर किसी बड़े अधिकारी की पैनी नजर इन अंकित नामों पर पढ़ती है या फिर इन चुनिंदा नामों पर रहमो कर्म ऐसे ही बरकरार रहेगा

इन्हे किया ईधर से ऊधर

ट्रांसफर लिस्ट के मुताबिक, हीरालाल कन्नौजिया सीओ बहराइच बनाए गए हैं। वहीं कमलेश कुमार सीओ कन्नौज, देवेंद्र सिंह CO कानपुर देहात बनाए गए है। राजवीर सिंह बांदा, विजय पाल सिंह को मैनपुरी में तैनाती दी गई है। वहीं रविकांत पराशर सहारनपुर, राममोहन शर्मा औरैया भेजे गए है।

UP Police Transfer: 167 डिप्टी एसपी और सीओ की एक झटके में बदल गई कुर्सी

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर तबादला एक्सप्रेस चली है. बता दें कि बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अधिकारियों के फेरबदल किए गए हैं. योगी सरकार ने बुधवार को पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले कर दिए है. जारी हुई तबादला सूची में 167 डिप्टी एसपी और सीओ के नाम शामिल हैं.

तीन आईएएस भी शामिल…

योगी सरकार ने मंगलवार शाम बड़े पैमाने पर पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर किए हैं. इसके साथ ही 3 आईएएस (IAS) अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं. आईएस ट्रांसफर लिस्ट में अजय कुमार गौतम ज्वाइंट मैजिस्ट्रेट कानपुर को CDO इटावा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, तो वहीं अभिषेक कुमार (IAS 2020) ज्वाइंट मैजिस्ट्रेट जालौन को CDO हापुड़ बनाया गया है. इसके अलावा 2011 आईएएस बैच के अधिकारी पुलकित खरे ग्रेटर नोएडा को प्रतीक्षारत किया गया है.

मिली ये जिम्मेदारी…

लखनऊ में 4 एडीसीपी में भी कुछ तबादले हुए हैं. एडीसीपी विश्वजीत श्रीवास्तव प्रोटोकॉल का साथ पश्चिमी जोन का चार्ज भी देखेगे. एडीसीपी जया शांडिल्य महिला अपराध के साथ प्रोटोकॉल का काम देखेगी. कृपा शंकर को एडीसीपी हाईकोर्ट सुरक्षा बनाया गया. एडीसीपी अशोक कुमार को हाईकोर्ट सुरक्षा से मुख्यालय अपराध शाखा भेजा गया है.

देखिए पूरी लिस्ट…

 

सिपाही ने किया वर्दी को दागदार , शादी का झांसा फिर किया रेप…अब खेला वसूली का खेल

जिले में वर्दी एक बार फिर दागदार हुई है। जानकारी के मुताबिक परिषदीय विद्यालय में तैनात महिला शिक्षक के साथ सोनभद्र के रहने वाले सिपाही द्वारा दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। सिपाही वीडियो प्रसारित करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की मांग कर रहा है। पीड़िता ने पहले कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर शुक्रवार को एसपी से मुलाकात की।

कोतवाली पुलिस नही की कारवाई, SP ने दिया निर्देश

एसपी ने कोतवाली पुलिस को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। महुआडीह थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। साथ ही शहर के एक मोहल्ले में किराये की मकान में रहती है। आरोप है कि 2021 में ऑनलाइन वेबसाइट से महिला शिक्षक का नंबर निकाल कर सोनभद्र के राबर्टसगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला एक युवक शादी के लिए बातचीत करने लगा। युवक वाराणसी में उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात है।
शादी का झांसा देकर दो साल से कर रहा दुष्कर्म
महिला शिक्षक का कहना है कि 11 नवंबर 2021 को फोन कर वह देवरिया आ गया और मेरे कमरे पर पहुंच गया। इसके बाद नशीली दवा खिलाकर दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी हुई तो उसने आरोपित युवक से बातचीत की। उसने शादी का झांसा देता रहा। अब शादी करने से इनकार कर दिया।
50 हजार वसूल चुका, पांच लाख रुपये की मांग कर रहा

साथ ही वीडियो प्रसारित करने की पहले से ही धमकी देता रहा है। उसके फोन पे पर 50 हजार रुपये अभी तक महिला शिक्षक भेज चुकी है। इन दिनों पांच लाख रुपये की मांग कर रहा है, न देने पर वीडियो प्रसारित करने की धमकी दे रहा है। कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

चार्ज संभालते ही SP ने काउंट करवाए 3 काम, आप भी जानिए किस पर रहेगा सबसे ज्यादा ध्यान

नवागत पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने शनिवार को कार्यभार संभाल लिया है। वर्ष 2015 के आईपीएस वाराणसी, सोनभद्र, गोरखपुर, संत कबीर नगर और महाराजगंज जिले के एसपी रह चुके हैं। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि पुलिस किसी के दबाव में आकर कार्य नहीं करेगी हमारा फोकस कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने पर रहेगा।

पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि पुलिस किसी के दबाव में आकर कार्य नहीं करेगी, हमारा फोकस कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने पर रहेगा। पुलिस का इकबाल बुलंद करने के साथ कानून-व्यवस्था को बेहतर कर अपराधियों को जेल भेजा जाएगा।

अपनी तीन प्राथमिकताएं बताई

एसपी ने अपनी तीन प्राथमिकताएं भी बताई। उन्होंने कहा कि पहली अपराध पर लगाम लगाना, दूसरी लंबित पड़ी विवेचनाओं को समाप्त करना और तीसरी प्राथमिकता कानून व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

थाना समाधान दिवस में मिलने वाली शिकायतों को एसपी कार्यालय में फीडिंग कराकर उसका गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण कराया जाएगा। इसका एक प्रारूप सभी थानों को भेज दिया गया है।

उन्होंने थानाध्यक्षों को थाने में आने वाले हर फरियादी की समस्या सुनकर उसे समय में निस्तारित कराने का संदेश भी दिया। शहर में लगने वाले जाम, दिन में रोडवेज बसों पर लगी नो-इंट्री से जनता को निजात दिलाने की बात कही।

एएसपी का स्थानांतरण

अपर पुलिस अधीक्षक संजय राय का स्थानांतरण अपर पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ हो गया है। उनके स्थान पर गौतमबुद्ध नगर में अपर पुलिस उपायुक्त रहे विशाल पांडेय को तैनाती मिली है। शनिवार को एएसपी को विदाई दी गई

IPS अधिकारियों के बाद 42 ASP का तबादला…चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर अधिकारी ईधर से ऊधर

पिछले दिनों वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले के बाद शासन ने 42 अपर पुलिस अधीक्षकों (एएसपी) स्तर के पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण कर दिए हैं।

 

राजधानी स्थित यूपी-112, सीबीसीआईडी मुख्यालय और प्रशिक्षण मुख्यालय में नए एएसपी की तैनाती के अलावा आठवीं वाहिनी पीएसी, बरेली और 25वीं वाहिनी पीएसी, रायबरेली में नए उपसेनानायक भेजे गए हैं।

यहां देखें एएसपी की नई तैनाती की लिस्ट

नाम – वर्तमान तैनाती – नई तैनाती

 

मार्तण्ड प्रकाश सिंह – एएसपी नगर, मथुरा – एएसपी पश्चिमी, हरदोई

डाॅ. प्रवीन रंजन सिंह – एएसपी नगर, बिजनौर – एएसपी दक्षिणी, सीतापुर

राम मोहन सिंह – एएसपी यातायात, बरेली – एएसपी ग्रामीण, बदायूं

संजीव कुमार बाजपेयी – एएसपी ग्रामीण, शाहजहांपुर – एएसपी नगर, बिजनौर

आनंद कुमार द्वितीय – एएसपी सुरक्षा, मथुरा – अपर पुलिस उपायुक्त, गाजियाबाद

संसार सिंह – एएसपी, रामपुर – एएसपी, कन्नौज

दीपेन्द्र नाथ चौधरी – एएसपी, बस्ती – एएसपी, देवरिया

संतोष कुमार सिंह प्रथम – एएसपी, संत कबीर नगर – एएसपी, शामली

शिवराज – एएसपी, गोंडा – एएसपी यातायात, बरेली

राजेश कुमार सोनकर – एएसपी, देवरिया – उपसेनानायक, आठवीं वाहिनी पीएसी, बरेली

मनोज कुमार अवस्थी – एएसपी उत्तरी, गोरखपुर – एएसपी ग्रामीण, शाहजहांपुर

डॉ. अरविन्द कुमार – एएसपी, कन्नौज – एएसपी नगर, मथुरा

संजय राय – एएसपी, अंबेडकरनगर – एएसपी पश्चिमी, प्रतापगढ़

नरेन्द्र प्रताप सिंह द्वितीय – एएसपी दक्षिणी, सीतापुर – एएसपी ग्रामीण, मुजफ्फरनगर

शशि शेखर सिंह – एएसपी, उन्नाव – एएसपी, संत कबीर नगर

मनीष कुमार मिश्र – एएसपी, बागपत – अपर पुलिस उपायुक्त, गौतम बुद्ध नगर

जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव – एएसपी यातायात, मेरठ – एएसपी उत्तरी, गोरखपुर

ओम प्रकाश द्वितीय – एएसपी, शामली – एएसपी, बस्ती

अतुल कुमार श्रीवास्तव – एएसपी ग्रामीण, मुजफ्फरनगर – एएसपी, रामपुर

ओम प्रकाश द्वितीय – एएसपी, शामली – एएसपी, बस्ती

अतुल कुमार श्रीवास्तव – एएसपी ग्रामीण, मुजफ्फरनगर – एएसपी, रामपुर

रोहित मिश्र – एएसपी पश्चिमी, प्रतापगढ़ – एएसपी ग्रामीण, बुलंदशहर

शिवराम यादव – एएसपी, आगरा – अपर पुलिस उपायुक्त, प्रयागराज

विशाल पांडेय – एएसपी, गौतम बुद्ध नगर – एएसपी, अंबेडकरनगर

चिरंजीव नाथ सिन्हा – एएसपी, लखनऊ – एएसपी उत्तरी, बाराबंकी

अखिलेश सिंह – एएसपी, लखनऊ – एएसपी, उन्नाव

अशोक कुमार वर्मा – प्रथम – एएसपी प्रयागराज – एएसपी, कौशांबी

संजय कुमार – चतुर्थ – उप सेनानायक 30वीं वाहिनी पीएसी, गोंडा – एएसपी, बागपत

राघवेन्द्र कुमार मिश्र – एएसपी यूपीपीसीएल, वाराणसी – एएसपी यातायात, मेरठ

राधेश्याम राय – एएसपी प्रशिक्षण मुख्यालय, लखनऊ – एएसपी, गोंडा

बजरंग बली – एएसपी ग्रामीण, बुलंदशहर – एएसपी सुरक्षा, मथुरा

राहुल मिठास – एएसपी कानपुर नगर – एएसपी, मैनपुरी

रामानन्द प्रसाद कुशवाहा – अपर पुलिस उपायुक्त, गाजियाबाद – एएसपी नगर, बहराइच

शंकर प्रसाद – उपसेनानायक 10वीं वाहिनी पीएसी, बाराबंकी – एएसपी नगर, बुलंदशहर

जितेन्द्र कुमार – प्रथम – एएसपी/स्टाफ अफसर एडीजी बरेली जोन, बरेली – एएसपी दक्षिणी, गोरखपुर

अरुण चन्द्र – एएसपी, आगरा – एएसपी, सुलतानपुर

योगेन्द्र सिंह – प्रथम – पुलिस उपाधीक्षक/एएसपी, एओओ के पद से लोकायुक्त हेतु स्थानांतरणाधीन – एएसपी अपराध, एटा

अनुराग सिंह – उपसेनानायक 28वीं वाहिनी पीएसी, इटावा – एएसपी सुरक्षा, गोरखपुर

दुर्गेश कुमार सिंह – एएसपी पश्चिमी, हरदोई – एएसपी पूर्वी, प्रतापगढ़

अखंड प्रताप सिंह – एएसपी, पीटीएस उन्नाव – एएसपी (चुनाव प्रकोष्ठ) मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, लखनऊ

भीम कुमार गौतम – एएसपी पीएसी मुख्यालय, लखनऊ – एएसपी यूपी – 112, लखनऊ

समर बहादुर – एएसपी, कौशांबी – एएसपी यूपीपीसीएल, वाराणसी

अजय प्रताप – एएसपी ग्रामीण, बदायूं – उपसेनानायक 25वीं वाहिनी पीएसी, रायबरेली

अजय कुमार सिंह – एएसपी पीटीएस सुलतानपुर – एएसपी सीबीसीआईडी मुख्यालय, लखनऊ।

CM की सख्ती के बाद सड़क पर उतरे अफसर…हटवाया अतिक्रमण

गोरखपुर शहर में 253 दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया गया है। अफसरों ने दुकानदारों को चेतावनी दी-अभी चेता रहे हैं, नहीं माने तो जुर्माना और केस दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करेगी। मकसद है कि आम लोगों को सड़क के चौड़ीकरण का फायदा मिले और जाम की वजह से परेशान न होना पड़े। रेलवे स्टेशन पर अभियान के तहत अतिक्रमण हटाते एसडीएम व एएसपी मानुष पारिक। गोरखपुर शहर में अव्यवस्थित ऑटो, ई-रिक्शा, अतिक्रमण से लगने वाले जाम को लेकर सीएम ने नाराजगी जताई तो बृहस्पतिवार को पुलिस और प्रशासनिक अफसर सड़क पर नजर आए

फिर संयुक्त अभियान चला और चौराहों पर खड़े 107 ई-रिक्शा को सीज किया गया। इतना ही नहीं, सड़कों पर कब्जा कर ठेला लगाए 1739 लोगों को हटाया गया। मोहद्दीपुर, रेलवे स्टेशन रोड पर एसडीएम के साथ पहुंचे एएसपी मानुष पारिक ने दुकानों के बाहर रखे सामान को भी हटवाया और चेतावनी दी।

शहर में 253 दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया गया है। अफसरों ने दुकानदारों को चेतावनी दी-अभी चेता रहे हैं, नहीं माने तो जुर्माना और केस दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करेगी। मकसद है कि आम लोगों को सड़क के चौड़ीकरण का फायदा मिले और जाम की वजह से परेशान न होना पड़े।

बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे के करीब एएसपी मानुष पारिक पुलिस फोर्स के साथ मोहद्दीपुर रोड पर निकले। जैसे ही चौराहे से आगे बढ़े एक होटल के बाहर ऑटो, ई-रिक्शा की वजह से जाम लगा था। पुलिस को देखते ही सभी भागने लगे, लेकिन कुछ ऐसे भी थे, जिन पर असर नहीं दिखा। ऐसे लोगों के वाहनों को सीज कर पुलिस लाइंस भेज दिया गया। फिर एक लाइन से कुनराघाट तक पुलिस प्रशासन की टीम ने एलाउंस कर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी। कहा कि अतिक्रमण मिला तो समझाया नहीं जाएगा, बल्कि कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी चौक से रेलवे स्टेशन रोड पर दुकान के बाहर ही दुकानदारों ने कब्जा कर रखा था। यहां पर सर्वाधिक 170 दुकानों के बाहर कब्जा मिला,जिसे हटाया गया और फिर न लगाने की चेतावनी दी गई। उधर सीओ गोरखनाथ रत्नेश सिंह जैसे ही धर्मशाला पर पहुंचे ऑटो वाले भागने लगे, लेकिन यहां पर कई बार कहने के बाद भी बेतरतीब खड़े ऑटो को पुलिस ने पकड़ा और सीज कर पुलिस लाइंस भेज दिया गया। एसपी ट्रैफिक श्यामदेव विंद ट्रांसपोर्ट नगर से पैडलेगंज, मोहदीपुर से सिविल लाइंस, धर्मशाला से गोरखनाथ रूट पर अतिक्रमण हटवाए तो एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने नौकायन रोड पर अतिक्रमण को हटवाया

मौका कहीं चूक ना जाए, यातायात पुलिस के 2287 रिक्त पदों पर होगी तैनाती

डीजीपी विजय कुमार ने हाल ही में सभी एडीजी जोन और पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर यातायात पुलिसकर्मियों के नामांकन,चयन,प्रशिक्षण,नियुक्ति और स्थानांतरण आदि के संबंध में जारी सभी आदेशों को अतिक्रमित करते हुए नए आदेश जारी किए हैं।

डीजीपी मुख्यालय यातायात पुलिस में रिक्त चल रहे मुख्य आरक्षी और आरक्षी के 2287 पदों को भरने की तैयारी में है। इसके लिए सभी एडीजी जोन और पुलिस कमिश्नर से नागरिक पुलिस के मुख्य आरक्षी और आरक्षी मांगे गये हैं। इनको प्रशिक्षण देने के बाद जिलों में तैनात किया जाएगा। इससे कमिश्नरेट और जिलों में होने वाली जाम की समस्या से खासी राहत मिल सकती है।

बता दें कि डीजीपी विजय कुमार ने हाल ही में सभी एडीजी जोन और पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर यातायात पुलिसकर्मियों के नामांकन, चयन, प्रशिक्षण, नियुक्ति और स्थानांतरण आदि के संबंध में जारी सभी आदेशों को अतिक्रमित करते हुए नए आदेश जारी किए हैं।

इन पदों को भरने के लिए 35 वर्ष से कम आयु

दरअसल, प्रदेश के समस्त कमिश्नरेट एवं जिलों में नागरिक पुलिस से यातायात पुलिस के लिए मुख्य आरक्षी के 1512 और आरक्षी के 4336 पद आवंटित हैं। यातायात निदेशालय द्वारा जिलों से प्राप्त सूचना के मुताबिक इनमें मुख्य आरक्षी के 100 पद और आरक्षी के 2187 पद रिक्त चल रहे हैं। इन पदों को भरने के लिए 35 वर्ष से कम आयु के आरक्षी और 55 वर्ष से कम उम्र के मुख्य आरक्षी मांगे गए हैं। इनका चयन ज्येष्ठता के आधार पर किया जाएगा। कर्मियों के चयन के दौरान उनके ओवरवेट नहीं होने का खास ध्यान रखने को कहा गया है।

सातों कमिश्नरेट में आरक्षियों की कमी

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सातों कमिश्नरेट में आरक्षी के पद रिक्त चल रहे हैं, जबकि मुख्य आरक्षी स्वीकृत पदों से ज्यादा तैनात हैं। लखनऊ में 119 मुख्य आरक्षियों की जगह 162 तैनात हैं। जबकि 495 आरक्षी में से 171 पद रिक्त हैं। गौतमबुद्धनगर में 87 की जगह 227 मुख्य आरक्षी तैनात हैं, जबकि 179 आरक्षी के पद रिक्त हैं।

क्या कितने पद

कानपुर में भी 38 की जगह 227 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 117 पद रिक्त हैं। वाराणसी में 78 की जगह 110 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 104 पद रिक्त हैं। आगरा में 73 की जगह 168 मुख्य आरक्षी तैनात हैं, जबकि आरक्षी के 161 पद रिक्त हैं। प्रयागराज में 60 की जगह 94 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 104 पद रिक्त हैं। गाजियाबाद में 78 के बजाय 260 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 31 पद रिक्त

 

कोतवाली में दरोगा के पिस्टल से चली गोली महिला को जा लगी…आरोपी मौके से फरार

अलीगढ़ कोतवाली नगर के सीसीटीएनएस कार्यालय में ड्यूटी पर तैनात दरोगा मनोज शर्मा की पिस्टल से…

मेरठ में STF के SSP कुलदीप नारायण को ब्रेन हेमरेज…डॉक्टर बोले- स्थिर है हालत

स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के SSP कुलदीप नारायण सिंह को ब्रेन हेमरेज हुआ है। मंगलवार को…