इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल में एएसपी अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश से जुड़े मामले में अहम राहत जारी रखी है। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को पहले से मिली अंतरिम राहत को आगे बढ़ाते हुए निचली अदालत के आदेश पर लगी रोक बरकरार रखी है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।
आज हुई थी सुनवाई
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता यामीन की ओर से जवाब दाखिल किया गया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं और राज्य सरकार को रिजॉइंडर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले में एएसपी अनुज चौधरी और यूपी सरकार ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर संभल कोर्ट के 9 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे।
गौरतलब है कि इससे पहले 10 फरवरी को हाईकोर्ट ने संभल के सीजेएम कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है। याचिकाओं में मांग की गई है कि निचली अदालत के आदेश को रद्द किया जाए।
ये था मामला
मामले की शुरुआत 24 नवंबर 2024 की घटना से जुड़ी है। नखासा थाना क्षेत्र के निवासी यामीन ने आरोप लगाया था कि उनका 24 वर्षीय बेटा आलम पापड़ बेचने निकला था, तभी शाही जामा मस्जिद के पास पुलिसकर्मियों ने उसे गोली मार दी। इस आरोप के आधार पर यामीन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) ने 9 जनवरी 2026 को याचिका पर सुनवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसे अब हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। फिलहाल, हाईकोर्ट के फैसले से संबंधित पुलिस अधिकारियों को राहत मिली हुई है।