अमरोहा जनपद में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें दो पुलिस सिपाही भी शामिल पाए गए हैं। सैदनगली थाना पुलिस और विशेष कार्य बल (एसओजी) की संयुक्त छापेमारी में स्मैक तस्करी के मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में ढबारसी चौकी पर तैनात सिपाही योगेश कुमार और आशु सैनी भी शामिल हैं, जो इस अवैध नेटवर्क का हिस्सा थे।
सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि अमरोहा में स्मैक तस्करी का एक बड़ा और सक्रिय नेटवर्क काम कर रहा है। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों सिपाही नशे के इस कारोबार में सीधे जुड़े हुए थे और योगेश कुमार की वैगनार कार का इस्तेमाल स्मैक की सप्लाई के लिए किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 40 लाख रुपये कीमत की स्मैक बरामद की है, साथ ही एक वैगनार कार और 3,490 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
जांच में यह भी पता चला कि गौरव कुमार, नाजिम, आदिल और एक नाबालिग भी इस तस्करी के गिरोह के सदस्य हैं। पूछताछ में सामने आया कि गौरव के दोस्त नितिन ने उसे मयंक यादव के पास स्मैक की उपलब्धता की जानकारी दी थी। नाजिम ने सिपाहियों के साथ मिलकर स्मैक छीनने की साजिश रची थी, लेकिन 19 जुलाई 2025 को सौदा करते समय पुलिस की दबिश से मयंक और उसके साथी भाग गए। इसके बाद स्मैक आरोपियों के पास थी, जिसे वे दिल्ली-एनसीआर में बेचने की योजना बना रहे थे।
एसपी ने कहा ये
एसपी अमित कुमार आनंद ने कहा कि सिपाही योगेश कुमार और आशु सैनी ने पुलिस की वर्दी को कलंकित किया है। वे नशे की तस्करी में सक्रिय थे और इस अवैध कारोबार के पैसे आपस में बांटते थे। पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस प्रकार के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पुलिस का अधिकारी ही क्यों न हो।
पुलिस अब इस नेटवर्क की और गहराई से जांच कर रही है ताकि अन्य शामिल अपराधियों का भी पता लगाया जा सके। इस मामले से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है, लेकिन प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।