अलीगढ़ में कानून-व्यवस्था को लेकर एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने साफ संदेश दे दिया है कि अब लापरवाही और ढिलाई किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस लाइन स्थित नवीन सभागार में देर रात चली क्राइम मीटिंग में एसएसपी का रुख सख्त नजर आया। बैठक के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण को प्राथमिक एजेंडा बताते हुए थानेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी कि परिणाम दिखना चाहिए, सिर्फ रिपोर्ट नहीं।
थाना प्रभारी सस्पेंड
मीटिंग के बीच ही कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में लापरवाही सामने आने पर चंडौस थाना प्रभारी प्रबल प्रताप सिंह चौहान को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया। इस कार्रवाई से संदेश साफ हो गया कि आदेशों की अनदेखी करने वालों पर बिना देर किए कार्रवाई होगी।
वहीं दूसरी ओर, बेहतर कार्यशैली और अनुशासन का पालन करने वाले 171 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया, ताकि सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके।
एसएसपी ने अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि गैंगस्टर, इनामी अपराधी और हिस्ट्रीशीटर अब पुलिस की प्राथमिक निगरानी में रहेंगे। उन्होंने गोकशी, अवैध हथियार, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब, खनन और जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए। साथ ही, हिस्ट्रीशीटरों का नियमित सत्यापन अनिवार्य करने को कहा।
ग्रामीण इलाकों की संवेदनशीलता पर बात करते हुए एसएसपी ने पशु चोरी की घटनाओं को गंभीर बताते हुए कहा कि किसानों और पशुपालकों की आजीविका से जुड़ी इन घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर मंदिरों, स्कूलों, कॉलेजों और बाजारों में गश्त बढ़ाने तथा एंटी रोमियो टीम को सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।
सभी अफसर रहे मौजूद
इसके अलावा विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण, जनसुनवाई में संवेदनशीलता, साइबर अपराध के प्रति जागरूकता और महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई पर भी जोर दिया गया। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। साफ है कि अलीगढ़ पुलिस में अब काम के आधार पर ही पहचान और जिम्मेदारी तय होगी।