आगरा के थाना खेरागढ़ क्षेत्र में विजयादशमी के दिन मूर्ति विसर्जन के दौरान एक बेहद दुखद घटना घटी, जिसमें 13 युवक उटंगन नदी में डूब गए थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस की तत्परता से एक युवक को सकुशल बचा लिया गया, लेकिन बाकी युवकों की तलाश के लिए एक बड़ा और जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
124 घंटे तक चला ये ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, करीब 124 घंटे तक चला यह ऑपरेशन लगातार चुनौतीपूर्ण रहा। इसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना के पैरा कमांडो, पीएसी की फ्लड कंपनी, स्थानीय पुलिस और प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ-साथ खेरागढ़ व आसपास के नागरिकों ने भी पूरी निष्ठा और सहयोग के साथ भाग लिया। इस संयुक्त प्रयास के बाद अंततः सभी युवकों के शव नदी से बाहर निकाल लिए गए।
https://x.com/CPAgra_/status/1975598903522476214
पुलिस कमिश्नर ने कहा ये
आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने इस अभियान में जुड़े सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों का आभार जताते हुए कहा कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन सेवा, समर्पण और टीमवर्क का प्रतीक रहा। उन्होंने अपने संदेश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, पुलिस, पीएसी और स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों और खेरागढ़ के लोगों की भी सराहना की, जिन्होंने हर स्तर पर सहयोग कर पुलिस का साथ दिया।
इस अभियान ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन और जनता एकजुट होकर काम करते हैं, तो किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना किया जा सकता है। यह केवल एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं, बल्कि इंसानियत और जनसेवा का मजबूत उदाहरण बन गया।