लखनऊ में बक्शी का तालाब (बीकेटी) इलाके में रविवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब संदिग्ध वाहन का पीछा कर रहे एसीपी की सरकारी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह और उनके हमराही घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे एसीपी बीकेटी ज्ञानेंद्र सिंह अपने कार्यालय की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सीतापुर रोड पर छठामील के पास एक काले रंग की संदिग्ध थार ने उनकी गाड़ी को बार-बार ओवरटेक किया। एसीपी की गाड़ी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने थार चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने रफ्तार और तेज कर दी। स्थिति को गंभीर मानते हुए एसीपी ने संदिग्ध वाहन का पीछा शुरू किया।
जब पुलिस वाहन बीकेटी कस्बे के चंद्रिका देवी मोड़ के पास पहुंचा, तो सड़क किनारे अतिक्रमण और भीड़ के कारण यातायात बाधित हो गया। इसी का फायदा उठाकर थार सवार मौके से फरार हो गए। इस दौरान एसीपी की गाड़ी सड़क किनारे खड़ी एक अन्य कार से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
हादसे में एसीपी के हमराही मुख्य आरक्षी घनश्याम सिंह को चोटें आईं। उनकी दाढ़ी और चेहरे पर गंभीर जख्म हुए, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने घनश्याम सिंह के घावों पर चार टांके लगाए हैं। एहतियातन एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह को भी मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अफसरों ने लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह ने बताया कि कस्बे में सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों और अतिक्रमण के कारण अक्सर यातायात प्रभावित होता है। संदिग्ध थार और उसके चालक की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। पूरे मामले की जांच जारी है।