उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ध्रुवकांत ठाकुर पर भरोसा जताते हुए उन्हें नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। लंबे समय से अपने मजबूत नेतृत्व, अनुशासन और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले ठाकुर को अब नागरिक सुरक्षा के डायरेक्टर जनरल (DG) के पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही, उन्हें विशेष सुरक्षा बल (SSF) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी जारी रखी गई है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर अपने प्रभावी काम के लिए चर्चित यह अधिकारी अब नई भूमिका में किस तरह काम करेंगे, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
शनिवार रात हुआ तबादला
लखनऊ में तैनात वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ध्रुवकांत ठाकुर को उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार देर रात नई जिम्मेदारी सौंप दी। 1994 बैच के आईपीएस डीके ठाकुर, जिन्हें हाल ही में डीजी रैंक पर प्रमोशन मिला था, अब नागरिक सुरक्षा विभाग के डीजी बनाए गए हैं। इसके साथ ही वह पहले की तरह डीजी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे। आदेश मिलते ही उन्हें तत्काल पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।
लखनऊ के प्रथम पुलिस कमिश्नर की संभाली थी कमान
डीके ठाकुर का नाम यूपी पुलिस में ईमानदार, सख्त और प्रभावी अफसरों में शामिल किया जाता है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के प्रथम पुलिस कमिश्नर रहने के दौरान उनकी कार्यशैली अक्सर चर्चा में रही। इससे पहले वे लखनऊ में एसएसपी, डीआईजी और पुलिस कमिश्नर जैसे अहम पदों पर भी काम कर चुके हैं। बसपा सरकार में 2010–2012 के बीच वे राजधानी के एसएसपी थे, जबकि 2020 में योगी सरकार ने उन्हें पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया।
करीब तीन दशक लंबे करियर में उन्होंने गोरखपुर में बतौर एएसपी अपनी शुरुआत की और उसके बाद गोंडा, हरदोई, वाराणसी, सुल्तानपुर, बागपत, चंदौली, कानपुर देहात, अंबेडकरनगर, उन्नाव और लखनऊ जैसे कई जिलों में एसपी/एसएसपी के रूप में जिम्मेदारी निभाई। एटीएस में एडीजी और सीबीआई में महत्वपूर्ण पदों पर उनकी पोस्टिंग उन्हें चर्चा में रखती रही है।