CCTV में सच उजागर: सिपाही की मदद को ‘हिंसा’ समझ भीड़ टूट पड़ी, पुलिस ने किए छह गिरफ्तार

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कानपुर के दासूकुआं चौराहे पर शुक्रवार शाम एक ऐसी घटना हुई, जिसने भीड़ की जल्दबाज़ी और पुलिस की मुश्किलों दोनों को एक साथ उजागर कर दिया। चौराहे पर ट्रैफिक संभाल रहे सिपाही सूरज कुमार अचानक उस समय दौड़ पड़े जब एक युवक नशे की हालत में लड़खड़ाते हुए सड़क पर गिर पड़ा। ट्रैफिक की रफ्तार के बीच युवक को कुचलने का खतरा था, इसलिए सिपाही ने तुरंत उसे उठाने की कोशिश की।

अफवाह पर हुआ बवाल

लेकिन कुछ ही पलों में माहौल पूरी तरह उलट गया। किसी राहगीर ने बिना स्थिति समझे यह कहकर हल्ला मचा दिया कि “पुलिस वाला बेहोश युवक पर हाथ उठा रहा है।” खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते भीड़ ने सिपाही को चारों तरफ से घेर लिया। बिना कुछ पूछे लोगों ने धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी। विडंबना यह कि जिस युवक को सिपाही बचा रहा था, वह भी नशे की हालत में उठकर उसी भीड़ का हिस्सा बन गया और सिपाही पर टूट पड़ा।

स्थिति बिगड़ने पर सूरज कुमार ने अन्य पुलिसकर्मियों को सूचना दी। हनुमंत विहार थाना टीम मौके पर पहुंची और मारपीट में शामिल छह लोगों को तुरंत हिरासत में ले लिया। पकड़े गए लोगों में संतोष शुक्ला, उसकी बेटी स्वाती, रिश्तेदार अन्नपूर्णा पांडेय, उसकी बेटी दीप्ति पांडेय, अशोक कुमार गुप्ता और वही नशे में धुत युवक शामिल हैं, जिसकी पहचान पुलिस ने अलग से दर्ज की है।

चौराहे पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग में साफ दिख रहा है कि सिपाही युवक को रास्ते से हटाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अफवाह ने माहौल को हिंसक बना दिया। पुलिस ने सभी आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए शांति भंग की कार्रवाई भी की है।

थाना प्रभारी ने दी जानकारी 

थाना प्रभारी राजीव सिंह का कहना है कि “अफवाह के आधार पर भीड़ का कानून हाथ में लेना किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। फुटेज में सब कुछ साफ है, इसलिए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।” सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखकर लोग हैरान हैं कि एक गलतफहमी ने कैसे ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी को निशाना बना दिया।

 

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