बरेली में साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। डीजीपी के निर्देश पर जिले की सभी साइबर हेल्प डेस्क को नई ऊर्जा देने के लिए पुनर्गठन किया गया है। इस क्रम में एसएसपी अनुराग आर्य ने थानों से 181 पुलिसकर्मियों को संबद्ध कर हेल्प डेस्क में तैनात किया है।
डीजीपी के आदेश पर उठाया गया कदम
जानकारी के मुताबिक, साल 2020 में मंडलीय स्तर पर साइबर थाना शुरू किया गया था और बाद में मुख्यमंत्री के आदेश पर इसे जिला स्तर पर विस्तारित किया गया। बावजूद इसके, थानों में बनी साइबर सेल सुस्त पड़ी थीं। डीजीपी ने इसे प्राथमिक मदद का केंद्र बनाने का आदेश दिया, जिसके बाद अब हर थाने पर दरोगा, दीवान, दो सिपाही और कंप्यूटर ऑपरेटर को तैनात किया गया है।
अब तक थानों में बनी यह सेल सिर्फ पीड़ितों को हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करने की सलाह देती थी, लेकिन प्रशिक्षण मिलने के बाद कर्मचारी अपने थाने से ही बैंक खातों को फ्रीज कराएंगे और नंबर ब्लॉक करा सकेंगे।
एसएसपी ने दी जानकारी
एसएसपी का कहना है कि प्रशिक्षित और युवा पुलिसकर्मी साइबर अपराध रोकने, लोगों को जागरूक करने और त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को राहत पहुंचाने में अब और अधिक सक्षम होंगे। इससे साइबर थाने और जिला स्तर की सेल पर बोझ भी घटेगा।