उत्तर प्रदेश में रविवार को पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। इसी कड़ी में 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी श्रद्धा नरेंद्र पांडे को कानपुर देहात का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। अब तक वे अलीगढ़ में 38वीं बटालियन पीएसी की कमांडेंट के पद पर तैनात थीं। आदेश जारी होने के बाद वह जल्द ही अपना नया कार्यभार संभालेंगी।
संघर्षों से सफलता तक का सफर
श्रद्धा मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली हैं। उन्होंने पुणे से बायोटेक्नोलॉजी में एम.टेक किया है। पढ़ाई के बाद कुछ समय तक उन्होंने बीमा क्षेत्र और इंडियन कॉर्पोरेट लॉ सर्विस (ICLS) में भी कार्य किया। लेकिन उनके मन में हमेशा सिविल सेवा में जाने का सपना था।
इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। पहली बार उन्होंने 2010 में यूपीएससी परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हो पाईं। 2013 में दोबारा प्रयास किया, लेकिन इस बार भी 2–3 अंकों से चूक गईं। 2011 में सीडीएस परीक्षा में उन्होंने देशभर में चौथी रैंक हासिल की थी, लेकिन मामूली दृष्टि दोष के कारण मेडिकल राउंड से बाहर होना पड़ा। यह उनके लिए बड़ा भावनात्मक झटका था।
इन असफलताओं के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। लगातार संघर्ष करते हुए 2016 में यूपीएससी परीक्षा पास की और 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी बनीं।
नए जिले में जिम्मेदारी
श्रद्धा पांडे को पुलिस महकमे में ईमानदार, मेहनती और संवेदनशील अधिकारी माना जाता है। अलीगढ़ में पीएसी बटालियन की कमान संभालते हुए उन्होंने कई संवेदनशील अभियानों में सक्रिय नेतृत्व दिखाया। अब कानपुर देहात जैसे चुनौतीपूर्ण जिले की कमान उन्हें सौंपना इस बात का संकेत है कि शासन-प्रशासन उनकी कार्यकुशलता पर पूरा भरोसा करता है।
कानपुर देहात औद्योगिक और ग्रामीण दोनों तरह की संवेदनशीलता वाला जिला है। यहां कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध नियंत्रण और पुलिस-जन संवाद को मज़बूत करना किसी भी पुलिस अधीक्षक के लिए बड़ी चुनौती होती है। श्रद्धा से उम्मीद की जा रही है कि वे अपनी कड़ी मेहनत और प्रशासनिक अनुभव से जिले में पुलिसिंग को नई दिशा देंगी।