गाजियाबाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ अपनी तैयारियों को और धार देने के लिए नया कदम उठाया है। पुलिसकर्मियों को अब ऐसा प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें वे बिना हथियार के भी अपराधियों को पछाड़ सकें। इस विशेष आत्मरक्षा अभियान को ‘कवच’ नाम दिया गया है।
चल रही ट्रेनिंग
कमिश्नरेट स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन ‘कवच संस्था’ ने किया, जो लंबे समय से आत्मरक्षा और मार्शल आर्ट जैसी तकनीकों में दक्ष प्रशिक्षण देती रही है। संस्था ने अब तक फौज और अर्धसैनिक बलों के कई जवानों को प्रशिक्षित किया है। इस बार गाजियाबाद में पुलिस इंस्पेक्टरों से लेकर एसीपी स्तर तक के अधिकारियों को सड़क पर अचानक सामने आए अपराधियों से निपटने की व्यावहारिक रणनीतियां सिखाई गईं।
ट्रेनिंग के दौरान एसीपी सूर्यबली मौर्य भी खुद मैदान में उतरीं और पुलिसकर्मियों को बताया कि यह अभ्यास केवल शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि चपलता, दिमागी फुर्ती और तकनीकी चालों का है। उनका कहना था कि सही समय पर सही तकनीक अपनाकर बिना हथियार भी अपराधी को आसानी से काबू किया जा सकता है।
पुलिसकर्मियों की ढाल बनेगा कवच
एसीपी भास्कर वर्मा ने इसे पुलिस बल के लिए सुरक्षात्मक ढाल की तरह बताया। उनके अनुसार, ‘कवच’ से न सिर्फ शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि पुलिसकर्मियों में आत्मविश्वास भी मजबूत होता है। वे किसी भी चुनौती के सामने खुद को तैयार महसूस करते हैं। पुलिसकर्मियों ने भी प्रशिक्षण के बाद कहा कि अब वे मौके पर अपराधियों को मात देने और उन्हें तुरंत काबू करने में और ज्यादा सक्षम हो गए हैं।