लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस 2025 की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश पुलिस के 17 जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी अदम्य बहादुरी और अपराधियों के खिलाफ सफल ऑपरेशनों के लिए गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया। इन पुलिसकर्मियों ने न केवल खतरनाक गैंगों को धराशायी किया बल्कि प्रदेश में अपराध के खिलाफ सख्त संदेश भी दिया। आइए जानते हैं, किस पुलिसकर्मी को किस वजह से मिला यह सम्मान—
गोरखपुर: एक लाख के इनामी का अंत
5 जनवरी 2024 को गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में एसटीएफ उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने हत्या, लूट और रंगदारी में वांछित 1 लाख रुपये के इनामी विनोद कुमार उपाध्याय को मुठभेड़ में ढेर किया। इस अपराधी पर 46 मामले दर्ज थे। ऑपरेशन में निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह और मुख्य आरक्षी विनोद कुमार भी शामिल रहे।
मेरठ: लुटेरों पर कड़ा प्रहार
25 जनवरी 2020 को मेरठ के टी.पी. नगर क्षेत्र में तत्कालीन एसएसपी और वर्तमान डीआईजी (बरेली) अजय कुमार साहनी ने 1 लाख के इनामी चॉद उर्फ काले को एनकाउंटर में मार गिराया। 39 मामलों में वांछित यह अपराधी लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। नायब पुलिस उपाधीक्षक दिनेश चंद्र और मुख्य आरक्षी मनोज कुमार ने भी अहम भूमिका निभाई।
बलिया: शहाबुद्दीन गैंग का खात्मा
3 सितंबर 2021 को बलिया के रसड़ा क्षेत्र में एसटीएफ उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही, उपनिरीक्षक यशवंत सिंह और मुख्य आरक्षी नीरज कुमार पांडेय ने 1 लाख रुपये के इनामी हरीश पासवान को मुठभेड़ में मार गिराया। यह शूटर हत्या और लूट के 35 मामलों में वांछित था।
गौतमबुद्धनगर: यमुना एक्सप्रेस-वे पर ऑपरेशन
7 जुलाई 2021 को गौतमबुद्धनगर के सेक्टर-20 क्षेत्र में इंस्पेक्टर मुनीष प्रताप सिंह चौहान, सब-इंस्पेक्टर अक्षय परवीर त्यागी, मुख्य आरक्षी राजन कुमार और मुकेश कुमार ने डकैती और दुष्कर्म के मामलों में वांछित एक्सल गैंग के 2 लाख के इनामी अजय उर्फ कालिया को एनकाउंटर में ढेर किया।
अलीगढ़: एक्सल गैंग पर दोबारा वार
2 जुलाई 2020 को अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में सब-इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर डकैती की घटनाओं में शामिल 50 हजार के इनामी बबलू उर्फ गंजा को मुठभेड़ में घायल किया, जिसकी बाद में मौत हो गई। इस अपराधी पर 27 मामले दर्ज थे।
गाजियाबाद: वॉन्टेड अपराधी का अंत
2 जून 2023 को गाजियाबाद के मुरादनगर क्षेत्र में उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, उपनिरीक्षक अरुण कुमार और मुख्य आरक्षी टिंकल ने हत्या के मामले में वांछित 50 हजार के इनामी विशाल चौधरी उर्फ मोनू को मुठभेड़ में घायल किया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।