जन्माष्टमी सिर्फ आम श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के लिए भी बेहद खास पर्व है। हर साल जब श्रीकृष्ण जन्मोत्सव आता है, तो थानों और पुलिस लाइनों की रंगत ही कुछ और होती है। थानों को सजाया जाता है मंदिरों की तरह, श्रीकृष्ण की झांकियां लगती हैं और भक्ति के माहौल में पुलिसकर्मी भी सहभागी बनते हैं। इस विशेष अवसर पर सुरक्षा और मर्यादा को प्राथमिकता देते हुए डीजीपी राजीव कृष्णा ने राज्य भर के पुलिस अधिकारियों को कुछ अहम दिशा-निर्देश दिए हैं, जिससे त्योहार शांति और गरिमा के साथ संपन्न हो।
दिए ये निर्देश
1. नहीं चलेगी जबरन चंदा वसूली:
किसी संगठन या व्यक्ति को जन्माष्टमी के नाम पर डोनेशन वसूली की अनुमति नहीं होगी। ऐसी किसी भी शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
2. पुलिसकर्मियों की सैलरी से कोई कटौती नहीं:
पर्व के आयोजन के नाम पर पुलिसकर्मियों के वेतन में कोई भी कटौती न की जाए, यह आदेश भी स्पष्ट रूप से जारी किया गया है।
3. अश्लील कार्यक्रमों पर सख्त रोक:
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शालीनता और मर्यादा बनी रहे, इसके लिए अशोभनीय नृत्य या मंचन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
4. सादगी में समर्पण:
डीजीपी ने अधिकारियों से अपील की है कि जन्माष्टमी को सादगी, श्रद्धा और सुरक्षा के साथ मनाया जाए। व्यवस्था ऐसी हो कि हर आम नागरिक पर्व में बिना किसी असुविधा के भाग ले सके।
